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प्रदेश में अगले साल तक हो जायेंगे 350 से अधिक बाघ - डॉ. गौरीशंकर शेजवार
अट्ठारह देशों के प्रतिनिधि आयेंगे पेंच टाइगर रिज़र्व

नई दिल्ली, रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में वर्ष 2010 में हुए सम्मेलन में दुनिया में वर्ष 2022 तक बाघों की संख्या दो गुनी करने का संकल्प लिया गया था। मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 तक बाघों की संख्या 350 से अधिक हो जायेगी। मध्यप्रदेश आठ वर्षों में बाघों की संख्या में 40 प्रतिशत वृद्धि कर अंतर्राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में योगदान दे रहा है। यह बात वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने नई दिल्ली में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा विश्व बाघ दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही।

डॉ. शेजवार ने केन्द्रीय मंत्री को विश्व बैंक, यूएनडीपी और केन्द्रीय वन मंत्रालय द्वारा अक्टूबर-2017 में की जा रही ग्लोबल वाइल्ड लाइफ कॉन्फ्रेंस के लिये मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व के चयन के लिये धन्यवाद दिया। पेंच टाइगर रिजर्व में जन-भागीदारी से किये जा रहे वन्य-प्राणी संरक्षण के उत्कृष्ट कार्यों को 18 देशों के प्रतिनिधि फील्ड विजिट के दौरान देखेंगे।

डॉ. शेजवार ने बताया कि वन्य-प्राणी प्रबंधन को वैज्ञानिक दृष्टि से अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये राज्य वन अनुसंधान संस्थान, जो पहले सामान्यतः वानिकी अनुसंधानों तक ही सीमित था, उसमें वन्य-प्राणी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इसी प्रकार जबलपुर में स्थापित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विद्यालय में वन्य-प्राणी फॉरेंसिक एवं स्वास्थ्य संस्थान की स्थापना की गयी है।

कार्यक्रम के बाद केन्द्रीय वन मंत्री के साथ हुई वन-टू-वन बैठक में मध्यप्रदेश को खरबई और सागर में चिड़िया-घर-सह-रेस्क्यू सेंटर खोलने के लिये सैद्धांतिक सहमति दी गयी।

डॉ. शेजवार ने वन्य-प्राणी अपराधों के अन्वेषण में सहायता के लिये इण्डियन टेलीग्राफ एक्ट में राज्यों के वन विभागों को लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसी घोषित करने का भी अनुरोध किया।