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समाधान ऑनलाइन
लोक सेवा प्रदाय में ईमानदारी से कार्य करने वाले होंगे पुरस्कृत
लोक सेवा प्रदाय गारंटी कानून और सीएम हेल्पलाइन की नियमित होगी समीक्षा

भोपाल, लोक सेवा प्रदाय गारंटी कानून और सीएम हेल्पलाइन 181 में दर्ज किये गये प्रकरणों की समाधान ऑनलाइन में नियमित समीक्षा की जायेगी। लोक सेवाओं के प्रदाय में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जो अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से जनकल्याण का काम कर रहे हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से पुरस्कृत किया जायेगा और जो लोग भ्रष्टाचार में लिप्त पाये जायेंगे, उन्हें सख्त सजा मिलेगी। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में लोगों की शिकायतों का निवारण करते हुए कही।

खनन नीति के लिये कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों से माँगे सुझाव

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि राज्य की नई खनन नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से सुझाव माँगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेत से राजस्व प्राप्त करने में सरकार की कोई रुचि नहीं है। लोगों को सस्ती और सुलभ तरीके से रेत उपलब्ध होनी चाहिये और इसके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोज़गार भी मिलना चाहिये। उन्होंने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से अपने जमीनी अनुभवों के आधार पर सुझाव देने को कहा।

समाधान ऑनलाइन में बताया गया कि खरीफ-2016 के बीमा दावों का भुगतान करने के लिये केन्द्र से धनराशि मिल गई है। जल्दी ही किसानों को इसका भुगतान किया जायेगा। उन्होंने किसानों तक राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रयासों की जानकारी पहुँचाने के लिये, सभी संचार साधनों का उपयोग करने के निर्देश दिये।

जनसमस्याओं के प्रति रहें संवेदनशील

अशोकनगर के गाँव पोसट के श्री परमाल सिंह जाटव के प्रकरण को मुख्यमंत्री ने विशेष प्रकरण मानते हुए उन्हें एमएससी में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिये। श्री जाटव ने बीएससी पाँचवें सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, श्योपुर से दी थी। उनकी परीक्षा के अंक उनकी अंकसूची में नहीं जोड़े गये थे। इस संबंध में कार्रवाई करते हुए श्री चौहान ने दोषी प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकारी अमला जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे।

सतना जिले के किसान राघवेन्द्र पयासी ने सहकारी समिति बरसी को 48 क्विंटल 40 किलो धान बेचा था, उन्हें भुगतान नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसमें भुगतान में विलंब को देखते हुये समिति के प्रबंधक और खरीदी केन्द्र प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से कहा कि धान के अलावा गेहूँ एवं अन्य फसलों की खरीद के भुगतान में विलंब के प्रकरणों की विशेष छानबीन और इस संबंध में लापरवाही पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई करें।

अनूपपुर जिले के देवहरा गाँव के श्री अंजनी प्रसाद तिवारी ने शिकायत की कि आदिवासी बालक छात्रावास के लिये उसने अपना भवन किराये पर दिया था, लेकिन किराये की राशि का भुगतान नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री ने आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त के विरुद्ध कार्रवाई करते हुये तत्काल वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये और भुगतान में देरी के लिये जिम्मेदार लेखापाल पर भी सख्त कार्रवाई करने को कहा।