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पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ने का काम करेंगे प्रशिक्षित वनकर्मी
 

भोपाल, पर्यटन स्थलों में कार्यरत सत्कार प्रशिक्षित वनकर्मी पर्यटकों के लिये भ्रमण सुविधाजनक बनाने के साथ ही उन्हें प्रकृति से जोड़ने का काम करेंगे। यह बात वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक खाण्डेकर ने भोपाल स्थित मध्यप्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटेलिटी ट्रेनिंग में ईको-पर्यटन गतिविधियों से जुड़े वनकर्मियों के पर्यटन एवं सत्कार प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन करते हुए कही।

श्री खाण्डेकर ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक-स्थलों के समीप मनोरंजन-स्थल विकसित किये जा रहे हैं। इन स्थलों की ओर पर्यटकों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पर्यटन गतिविधियों से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचे। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की बेहतर देखभाल के कारण ही पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के बफर जोन में पिछले कुछ समय से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

श्री जितेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2017 में अब तक 4 प्रशिक्षण सत्र हो चुके हैं। इनमें प्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों तथा क्षेत्रीय वन मण्डलों के 190 कर्मचारियों ने भाग लिया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाना, सलाद काटना, खाना परोसना, हाउस-कीपिंग, वार्ता कौशल, आतिथ्य सत्कार आदि पर प्रशिक्षण एवं जानकारी संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा दी गयी है। प्रशिक्षण से दूरस्थ वन मण्डलों में कार्यरत युवा आधुनिक व्यवस्था से अद्यतन हुए हैं।

ईको-पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा वन विभाग में ईको-पर्यटन एवं आतिथ्य गतिविधियों से जुड़े कर्मचारियों के क्षमता विकास के लिये मध्यप्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटेलिटी ट्रेनिंग भोपाल में पर्यटन एवं सत्कार प्रशिक्षण कार्यक्रम किये जा रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य श्रमिकों तथा कर्मचारियों में ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना को सुदृढ़ करना है, ताकि वे पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने के साथ ही सौम्यतापूर्ण व्यवहार करें।