Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

‘नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा’

मध्यप्रदेश में मिल्क रूट की तरह बनाया जायेगा फ्रूट रूट - मुख्यमंत्री
 

नरसिंहपुर, ‘नमामि देवि नर्मदे’ माँ नर्मदा की सेवा यात्रा के साथ आर्थिक यात्रा भी है। इस यात्रा में नर्मदा के दोनों ओर लगने वाले फलदार वृक्षों से फल प्राप्त होंगे। इन फलों से मध्यप्रदेश में मिल्क रूट की तरह फ्रूट रूट भी बनाया जायेगा। इसमें किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव जनपद पंचायत के ग्राम ब्रम्हकुंड में ‘नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा’ को सम्बोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फलदार पौधे लगाने के लिए गड्ढा खोदने के लिए मजदूरी के साथ 40 प्रतिशत अनुदान राशि दी जायेगी। साथ ही प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये की राशि 3 साल तक किसानों को दी जायेगी। फलोद्यान लगाने वाले किसानों को ट्रेनिंग देने, मिट्टी परीक्षण करवाने और पौधे उपलब्ध करवाने तक की सभी व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा में गंदा पानी मिलने से रोकने के लिए अमरकंटक से ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की शुरुआत की जायेगी। इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी अच्छी कम्पनियों को देकर इसकी केन्द्रीयकृत व्यवस्था की जायेगी। ट्रीटमेंट प्लांट से निकले साफ पानी को पाइप के माध्यम से खेतों तक पहुँचाकर सिंचाई के उपयोग में लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा किनारे पूजन सामग्री विसर्जित करने के लिए अलग से कुंड बनाये जायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू की गई जंग में साथ देने को कहा। उन्होंने कहा कि हम भ्रष्टाचार को समाप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

श्री चौहान ने कहा कि सेवा यात्रा जनांदोलन का रूप ले चुकी है। यह यात्रा पर्यावरण बचाने के लिए विश्व का सबसे बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने इसके लिए सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने को कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि नर्मदा जल से हम भरपूर बिजली और पर्यटन को नया आयाम दे रहे हैं।