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शिक्षक सम्मान समारोह
मध्यप्रदेश में चालीस हजार शिक्षकों की होगी भर्ती
शिक्षक भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये आरक्षित होंगे 25 प्रतिशत पद
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित करते हुए।

समाज के निर्माण में गुरुजनों का योगदान अतुलनीय है। शिक्षक द्वारा दिखाई गई सही राह विद्यार्थी का जीवन बना सकती है। शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है। शिक्षण एक कला है, जिसमें अंकों का नहीं पढ़ाने का महत्व है। मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिये 40 हजार शिक्षकों की भर्ती की जायेगी। भर्ती में अतिथि शिक्षकों के लिये 25 प्रतिशत पद आरक्षित रखे जायेंगे। अतिथि शिक्षकों की अलग परीक्षा होगी। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के टी.टी. नगर स्थित मॉडल स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही।

भोपाल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सुविधाविहीन दूरस्थ अंचलों के शिक्षक चमत्कार कर रहे हैं। मंडला, डिण्डोरी और धार जिलों के बैगा जनजाति के बच्चे आई.आई.टी., आई.आई.एम. में चयनित हो रहे हैं। सरकार द्वारा लेपटॉप दिये जाने की योजना में भी आधे से ज्यादा सरकारी स्कूलों के बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि नये भारत के निर्माण के अनुरूप भावी पीढ़ी का निर्माण करने के लिये प्रतिबद्ध हों। शिक्षकों की सम्मानजनक जिन्दगी का पूरा इंतजाम किया जाएगा। सरकार ने शिक्षा के लिये 20 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव

मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि शिक्षा राज्याश्रित नहीं होना चाहिये। समाज आधारित शिक्षा व्यवस्था हो। शिक्षक किसी पर आश्रित नहीं रहे। उन्होंने बदलाव के लिये चिंतन की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रदेश में इस दिशा में पहल की जाए। ऐसी शिक्षा व्यवस्था हो, जिसमें सरकार की ही नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी तय हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पालकों से कहा कि वे बच्चों को कैसा जीवन देना चाहते हैं, इस पर विचार करें। बच्चों को मशीन नहीं बनायें। स्वस्थ नैसर्गिक विकास होने दें। उन्होंने बच्चों पर कुंठा और पाश्चात्य प्रभाव से होने वाली आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्लू व्हेल वीडियो गेम को प्रतिबंधित करवाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों की इस दशा के लिए पालक, परिवार, समाज और सरकार सभी जिम्मेदार हैं।

महिला संस्कृत विद्यालय खुलेगा

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि राज्य में महिला संस्कृत विद्यालय शुरू किया जा रहा है। स्कूलों में सभी धर्मों, समाजों और वर्गों के पर्वों और उत्सवों की जानकारियाँ, दीनदयाल उपाध्याय के जीवन चरित्र पर आधारित चित्रावली और तिरंगे की कहानी की पुस्तकें तैयार की गई हैं। सभी उत्कृष्ट विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास बनवाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

  • शिक्षक भर्ती में खेल शिक्षकों को किया जायेगा शामिल।
  • स्कूलों में खेल पीरियड होगा अनिवार्य।
  • शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिये बनाया जायेगा आयोग।
  • तीस वर्ष का सेवाकाल पूरा करने वाले शिक्षकों को दिया जायेगा तीसरा समयमान-वेतनमान।