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मध्यप्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति संरक्षण के लिये खुलेंगे तीन केंद्र
डिण्डोरी, श्योपुर और छिंदवाड़ा में स्थापित होंगे केंद्र - लालसिंह आर्य

भोपाल, मध्यप्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति संस्कृति के संरक्षण के लिये डिण्डोरी, श्योपुर और छिंदवाड़ा में नये केंद्र खोले जायेंगे। इन केंद्रों के लिये भारत सरकार द्वारा 26 करोड़ 95 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। यह बात जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य ने विभागीय बैठक में कही।

ड़ेढ़ साल में 12 हजार प्रकरण स्वीकृत

बैठक में बताया गया कि आदिम-जाति वित्त एवं विकास निगम के तहत मुख्यमंत्री स्व-रोज़गार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में पिछले डेढ़ साल में 12 हजार प्रकरण स्वीकृत किये गये हैं। राज्य अनुसूचित-जाति आयोग स्तर पर हर माह में दो बेंच लगती हैं। इन बेंचों में इस वित्तीय वर्ष में 71 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

तपेदिक नियंत्रण के लिये जन-जागरुकता शिविर

राज्यमंत्री श्री आर्य ने सहरिया जनजाति के लोगों में तपेदिक नियंत्रण के लिये जन-जागरण कैम्प लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके लिये शिवपुरी, श्योपुर, अशोकनगर और गुना जिले में प्रभावितों को समाज के प्रमुख लोगों के माध्यम से जागरूक किया जाए। कैम्प में जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए। श्री आर्य ने निर्देश दिये कि शासन की नीति का लाभ निचले तबके तक पहुँचे, इसके लिये संयुक्त रूप से बैठक ली गई है। उन्होंने कहा कि लगभग 37 प्रतिशत जनसंख्या को लाभान्वित कर सम्पन्न बनाने की जिम्मेदारी दोनों विभाग और उससे संबंधित आयोग, निगम, प्राधिकरण और अभिकरण की है। इस दिशा में तेज गति से काम होना चाहिये।

दिसम्बर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगा सम्मेलन

राज्यमंत्री श्री आर्य ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित-जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा पोषित योजनाओं की अलग से समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि दिसम्बर में होने वाले युवा उद्यमी सम्मेलन के पहले सभी अधिकारी तय समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्त करें। इसमें लगभग 450 हितग्राहियों से मुख्यमंत्री सीधा संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा। कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही परिलक्षित होने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना

श्री आर्य ने कहा कि हितग्राहियों के चयन में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हुए तय समय-सीमा में योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में कोई समस्या आने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवाएं। श्री आर्य ने सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना का लक्ष्य 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी हितग्राहियों को ऋण प्रमाण-पत्र वितरण के समय स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को आमंत्रित करें।

कौशल उन्नयन के लिये विशेष प्रयास

श्री आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना, मुख्यमंत्री की अहम योजना है। युवाओं को कौशल उन्नयन प्रदान कर स्व-रोज़गार से जोड़ने के लिये अधिक से अधिक प्रयास किये जाएँ। इसकी हर माह समीक्षा होगी। अधिकारियों को बेहतर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हर जिले और संभाग में समय-समय पर समीक्षा बैठक की जाएगी।

राज्यमंत्री ने कहा कि योजना का लाभ कुछ लोगों तक ही सीमित नहीं हो। इसके लिये सभी योजनाओं का प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ऋण स्वीकृति के बाद स्थापित यूनिट का समय-समय पर भौतिक सत्यापन किया जाए। वसूली का काम भी समय पर हो।