Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति व्याख्यान माला
जीवन के सभी सुखों का मूलमंत्र है एकात्म मानववाद - मुख्यमंत्री
 

रीवा, एकात्म मानववाद ही जीवन के सभी सुखों का मूलमंत्र है। प्रकृति को आत्मसात कर नवीन भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा किया जा सकता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का जो सिद्धांत दिया है, वह समाज के अंतिम छोर तक के व्यक्ति के हित में कार्य करने का है। हमारे लोकतंत्र में भी ‘जनता का, जनता के लिये’ सिद्धांत लागू किया गया है। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे स्मृति व्याख्यान में ‘एकात्म मानववाद-उत्कृष्ट भारत’ विषय पर कही।

श्री चौहान ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सिखाया था कि हम अपने भारतीय दर्शन, विचार और सोच पर चलकर सुखी रह सकते हैं। शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा का सुख मनुष्य को सुखी बनाता है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट भारत के निर्माण के लिये आर्थिक सशक्तीकरण आवश्यक है। इसलिये हमें जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु महत्वपूर्ण योजनाएँ प्रारंभ की हैं। मध्यप्रदेश में भी इस प्रकार के अभियान एवं कार्यक्रम तथा योजनाएँ संचालित की जा रही हैं ताकि प्रदेश को साधन सम्पन्न बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में बघेली भाषा प्रकोष्ठ, कुशाभाऊ ठाकरे विद्या केन्द्र, पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध केन्द्र खोलने एवं विश्वविद्यालय में संचालित आनंद विभाग के विधिवत संचालन की घोषणा की और नौ करोड़ 61 लाख रुपये लागत के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी।