Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

 
राज्य शिखर सम्मान के लिए अनुशंसाएँ 25 सितम्बर तक आमंत्रित
 

भोपाल, संस्कृति विभाग ने कला, साहित्य, नृत्य, संगीत एवं दुर्लभ वाद्य वादन की 7 विभिन्न विविध विधाओं में राज्य शिखर सम्मान के लिए नामांकन और अनुशंसाएँ आमंत्रित की हैं। यह सम्मान वर्ष 2016 एवं 2017 के लिए अलग-अलग दिया जाएगा। प्रत्येक सम्मान में, एक-एक लाख रुपये एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। संस्कृति संचालनालय में 25 सितम्बर तक आवेदक अपना आवेदन कर सकते हैं। आवेदक मध्यप्रदेश का निवासी अथवा उसका कार्य क्षेत्र मध्यप्रदेश होना चाहिए।

सम्मान के लिये नियत विधाएँ

यह सम्मान साहित्य (हिन्दू/उर्दू संस्कृति) विधा में 2016 के लिए, हिन्दी साहित्य (2016) शिखर सम्मान, रूपंकर कलाएँ, नृत्य नाटक, संगीत, आदिवासी एवं लोककलाएँ एवं दुर्लभ वाद्य वादन का वर्ष 2016 और 2017 के लिए पृथक-पृथक होगा। प्रत्येक सम्मान में एक-एक लाख रुपये के साथ प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा। शिखर सम्मान, सृजन-सक्रिय कलाकारों एवं साहित्यकारों को उच्च सृजनात्मकता, असाधारण उपलब्धि, अनवरत दीर्घ साधना तथा रचनात्मक अवदान के लिए हर साल दिये जाते हैं।

सम्मान हेतु पात्रता

दोनों वर्ष के सम्मान के लिए पृथक-पृथक आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। सम्बंधित विधाओं के प्रति सार्थक सरोकार और रुझान रखने वाले समीक्षक, लेखक, विचारक एवं आलोचक आवेदन कर सकते हैं। साथ ही कोई भी व्यक्ति ख्याति प्राप्त साहित्यकार/कलाकार के लिए नामांकन या अनुसंशाएँ भेज सकेंगे। कलाकार या साहित्यकार स्वयं भी आवेदन कर सकेंगे। विभाग द्वारा शिखर सम्मान के लिए गठित ज्यूरी समिति के समक्ष, समस्त प्राप्त प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाएँगे।