| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | संपर्क करें | साईट मेप
You Tube

भावांतर भुगतान योजना
भावांतर राशि को किसानों के खाते में जमा करने की प्रक्रिया तय
 

भोपाल, राज्य शासन द्वारा भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों के खातों में भावांतर राशि जमा करवाने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि योजना में खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग, मक्का में पंजीकृत किसानों द्वारा उत्पादित एवं मंडी प्रांगण में 16 से 30 अक्टूबर तक बेची गई उपज की पात्रता अनुसार भावांतर की राशि किसानों के खातों में जमा कराई जायेगी।

योजना के पोर्टल पर राजस्व एवं कृषि उपज मंडी समिति द्वारा भरे गए डाटा के आधार पर निर्धारित विक्रय अवधि के मॉडल विक्रय दरों की गणना कर पोर्टल पर दर्ज पंजीकृत किसानों को भावांतर की कुल राशि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के खातों में राशि जमा कराई जायेगी। इस राशि को पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के क्रम में गणना अनुसार जिला-स्तर की कृषि उपज मंडी समितियो को भुगतान के लिये प्रदाय किया जायेगा।

जिला-स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति

योजना के अंतर्गत 16 से 30 अक्टूबर 2017 की अवधि के लिये औसत मॉडल (Wholesale) रेट घोषित किये गये हैं। इन औसत मॉडल दर के आधार पर योजना के प्रावधानों अनुसार भावांतर की गणना तथा भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिये जिला-स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति के अन्य सदस्यों में उप जिलाध्यक्ष स्तर का कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारी, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ के जिला विपणन अधिकारी, म.प्र. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक, राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के जिला सूचना अधिकारी, लीड बैंक अधिकारी को सदस्य और जिला मुख्यालय की मंडी के सचिव को समिति का सचिव बनाया गया है।

तय की गई प्रक्रिया के अनुसार पंजीकृत किसान द्वारा योजना में चयनित फसल को निर्धारित पात्रता से अधिक मात्रा में एक से अधिक सौदों में बेचा गया है, तो उसके सौदों के परस्पर विक्रय दर में से न्यूनतम दरों के सौदों के आधार पर पात्रता की नियत सीमा तक की मात्रा को मान्य कर भावांतर की राशि की गणना की जायेगी। पंजीकृत कृषक का खेत जिस जिले में स्थित है उसके द्वारा यदि अन्य जिले की मंडी में चयनित कृषि उपज का विक्रय किया गया है, तो जिस जिले में पंजीकरण किया गया है उस जिले से भावांतर की राशि का भुगतान किया जायेगा।

भावांतर राशि का डिजिटल भुगतान

जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी समिति द्वारा भावांतर भुगतान योजना में भुगतान के लिये प्राप्त फण्ड को रखने हेतु राष्ट्रीयकृत बैंक में अलग खाता खोला जायेगा। इस खाते से किसानों के खाते में सीधे डिजिटल भुगतान किया जायेगा। जिला कलेक्टर इन सब तथ्यों की पुष्टि के लिये राजस्व और कृषि विभाग तथा कृषि उपज मंडी समिति के अमले का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल पर गणना के संबंध में पात्र एवं लाभान्वित हितग्राहियों को भुगतान किये जाने के संबंध में विशेष पासवर्ड तैयार कर प्रत्येक जिले की समिति में कलेक्टर जिला कार्यालय को उपलब्ध करवाया जाये। यह समिति उपरोक्तानुसार पुष्टि के बाद पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों की पोर्टल पर जानकारी की त्रुटि में सुधार किये जाने के लिये जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही त्रुटि-सुधार करने के लिये सक्षम होंगी। पुष्टि एवं सत्यापन के बाद 20 नवम्बर तक सभी पंजीकृत एवं पात्र लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में नियत भावांतर की कुल भुगतान राशि उनके द्वारा पंजीयन के समय पंजीयन कराये गये बैंक खाते में जमा करवाई जायेगी। राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के माध्यम से भुगतान के समय पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों को उनके बैंक खाते में कुल भुगतान की गई राशि की जानकारी पंजीयन के समय उपलब्ध करवाये गये मोबाइल फोन पर एसएमएस द्वारा प्रदाय किये जाने की व्यवस्था जिला कलेक्टर द्वारा 20 नवम्बर के पहले सुनिश्चित की जायेगी।

लाभान्वित किसानों की जानकारी हार्ड कॉपी में रखी जायेगी

जिला स्तर की कृषि उपज मंडी समिति के कार्यालय द्वारा जिलों में पंजीकृत एवं लाभान्वित हितग्राहियों को भुगतान किये जाने के बाद पोर्टल पर जिले के पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों की सम्पूर्ण जानकारी हार्ड कॉपी में सुरक्षित रखी जायेगी। इसकी एक प्रति जिला कलेक्टर कार्यालय को समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर सहित उपलब्ध करवाई जायेगी और एक प्रति मंडी बोर्ड को भेजी जायेगी।

राष्ट्रीय सूचना केन्द्र द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि पोर्टल पर जिला-स्तर पर जिन पंजीकृत एवं लाभान्वित किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो गयी है उनके पोर्टल पर दर्ज समस्त रिकार्ड फ्रीज किये जायें।