| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | संपर्क करें | साईट मेप
You Tube

 
भ्रष्टाचार और कालेधन पर नियंत्रण के लिए पारदर्शिता जरूरी
व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिये केंद्र सरकार प्रतिबद्ध - मेनका गाँधी

नई दिल्ली, सरकार व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिये पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, क्योंकि भ्रष्टाचार और कालेधन पर नियंत्रण के लिये पारदर्शिता महत्वपूर्ण है। यह बात केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी ने नई दिल्ली में मीडिया से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने इस अवसर पर महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा पारदर्शिता बढ़ाने, ई-शासन व्यवस्था में खामियों को दूर करने के साथ ही भ्रष्टाचार को समाप्त करने जैसे प्रयासों की जानकारी दी।

  • महिला और बाल विकास मंत्रालय जेम (जीईएम) पोर्टल द्वारा खरीदी शुरू करने वाला पहला मंत्रालय है।
  • मंत्रालय की सभी योजनाएँ प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली के तहत चलाई जा रही हैं।

श्रीमती मेनका गाँधी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कई योजनाओं के तहत विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ कार्य करता है। मंत्रालय ने प्रस्ताव प्राप्त करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ ही निधि वितरित करने के लिए एनजीओ पोर्टल तैयार किया है। प्रत्येक एनजीओ को केवल इस पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करना होता है। यह पोर्टल नीति आयोग के दर्पण पोर्टल से भी जुड़ा हुआ है।

सीएआरए के अंतर्गत कैरिंग्स वेबसाइट के शुभारंभ से गोद देने की प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित हो गई है। अब कानूनी तौर पर गोद देने के लिए उपलब्ध बच्चों तथा गोद लेना चाहने वाले पालकों का ब्यौरा एक डाटाबेस में है और इनका मिलान प्रणाली में ही किया जाता है।

आँगनवाड़ी प्रणाली के अंतर्गत बच्चों को भोजन खिलाने की व्यवस्था में काफी खामियाँ थीं। मंत्रालय ने निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया, ताकि इन खामियों को दूर किया जा सके। सबसे पहले 50 हजार आँगनवाड़ियों को आधार पर आधारित पंजीकरण, दैनिक उपस्थिति, भोजन का रिकॉर्ड, स्वास्थ्य का रिकॉर्ड आदि के लिए स्मार्ट फोन का उपयोग करने हेतु सक्षम बनाया गया। इस प्रणाली में अनुपस्थिति और कुपोषण के लिए चेतावनी दी गई है। इससे न केवल फर्जी लाभार्थी समाप्त हुए, बल्कि भ्रष्ट तरीके भी खत्म हो गए हैं।