Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

15 अगस्त से दो अक्टूबर के बीच
किसानों को वितरित की जायेगी निःशुल्क खसरा-खतौनी की नकल
मोबाइल एप के माध्यम से भी उपलब्ध कराएँ खसरा-खतौनी - उमाशंकर गुप्ता

भोपाल, मध्यप्रदेश में प्रति वर्ष 15 अगस्त से दो अक्टूबर के बीच खसरा-खतौनी की नकल निःशुल्क वितरित की जायेगी। इस साल जिन लोगों को निःशुल्क नकल नहीं मिली है, वे सी.एम. हेल्पलाइन पर सूचित करें। तहसील कार्यालयों और पंचायत कार्यालयों में सूचना पटल पर लोगों को नकल प्राप्त करने के लिये जानकारी दें। मोबाइल एप के माध्यम से भी खसरा-खतौनी की नकल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाये। यह बात राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने विभागीय समीक्षा के दौरान कही।

ज्वॉइन नहीं करने वाले तहसीलदार होंगे निलंबित

श्री गुप्ता ने कहा कि राजस्व से संबंधित नियमों-प्रक्रियाओं को औचित्यपूर्ण और सरल बनाएँ। राजस्व मंत्री ने कहा कि जिन स्थानांतरित तहसीलदारों ने अभी तक नवीन पद-स्थापना स्थल में ज्वाइनिंग नहीं दी है, उन्हें तत्काल निलंबित करें। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव द्वारा प्रति सप्ताह की जाने वाली समीक्षा में विभागीय जाँच और कोर्ट केसों को भी शामिल करें।

कोर्ट में लंबित प्रकरणों की समीक्षा के लिए केस मॉनीटरिंग एण्ड ट्रेकिंग सिस्टम (सीएमटीएस) बनाया गया है। इसमें पाँच हजार 164 प्रकरणों की मेपिंग हो चुकी है। विभाग ने विधानसभा प्रश्नों का जवाब देने के लिये ई-उत्तर एप्लीकेशन बनाया है। राजस्व विभाग ई-ऑफिस के कांसेप्ट पर कार्य कर रहा है। राजस्व विभाग में कैडर पुनर्गठन किया जा रहा है। भू-राजस्व संहिता में संशोधन का प्रस्ताव तैयार करने के लिए एक समिति गठित की गयी है।

पटवारियों को मिलेंगे स्मार्ट फोन

पटवारियों को स्मार्ट फोन के लिए सात हजार तीन सौ रुपये दिये जायेंगे। पटवारी स्वयं फोन खरीदकर बिल प्रस्तुत करेंगे। निर्धारित राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जायेगी।

.टी.एस. मशीनों से होगा सीमांकन

प्रदेश में सौ प्रतिशत सीमांकन ई.टी.एस. मशीनों से होगा। फसल गिरदावरी के लिए किसानों द्वारा बोई गयी फसलों की जानकारी देने के लिए एप बनाया जायेगा। पटवारियों द्वारा किसानों द्वारा दी गयी जानकारी का सत्यापन निर्धारित समय में किया जायेगा। जानकारी में कोई परिवर्तन होने पर किसानों को एस.एम.एस. से सूचना दी जायेगी।