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178 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटकर हुई 18 फीसदी
 

गुवाहाटी। जीएसटी काउंसिल ने व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। गुवाहाटी में हुई जीएसटी काउंसिल की 23वीं बैठक में 28 फीसदी जीएसटी के स्लैब में आने वाली रोजाना जरूरत की 178 वस्तुओं को 18 फीसदी के स्लैब में डालने का फैसला किया गया है। इसके अलावा 18 फीसदी के स्लैब में आने वाली 13 वस्तुओं को 12 फीसदी के स्लैब में, 6 वस्तुओं को 5 फीसदी के स्लैब में, वहीं 12 फीसदी के स्लैब में आने वाली 8 वस्तुओं को 5 फीसदी के स्लैब में और 5 फीसदी की दर में आने वाली 6 वस्तुओं को 0 फीसदी के स्लैब में डाल दिया गया है। वहीं, सभी प्रकार के रेस्टोरेंट पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी भी कर दिया गया है। ये सभी बदलाव 15 नवंबर से लागू होंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद बताया कि अब तक 28 फीसदी के स्लैब में कुल 228 वस्तुएं थीं। फिटमेंट समिति ने अनुशंसा की थी कि इसमें सिर्फ 62 वस्तुओं को ही रखा जाए। हालांकि कांउसिल ने सिर्फ 50 वस्तुओं को ही इस स्लैब में छोड़ने का फैसला किया है। कारोबारियों को जीएसटी के अनुपालन में राहत देते हुए काउंसिल ने जीएसटीआर-3बी फॉर्म के जरिए रिटर्न भरने की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2018 तक कर दिया है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न फाइल करने पर लगने वाले जुर्माने में भी कमी की गई है। निल रिटर्न फाइल करने वालों पर जुर्माने की राशि को 200 रुपए प्रति दिन से घटाकर 20 रुपए प्रति दिन कर दिया है, जबकि अन्य कारोबारियों के लिए जुर्माने की राशि को 200 रुपए से घटाकर 50 रुपए प्रति दिन कर दिया गया है। कंपोजिशन स्कीम वाले कारोबारियों के लिए जुलाई-सितंबर के रिटर्न भरने के लिए जीएसटीआर-4 फॉर्म को भरने की अंतिम तारीख को 18 अक्टूबर से बढ़ाकर 24 दिसंबर कर दिया गया है।