Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में चल रही भावांतर योजना में व्यापारियों के डर को दूर करते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने स्पष्ट किया है कि व्यापारी फसल खरीदने के बदले किसानों को दो लाख रुपए तक का भुगतान नकद में कर सकते हैं। ऐसा करने में आयकर विभाग के नियम कोई बाधा नहीं बनेंगे। इससे पहले मध्यप्रदेश में खबरें आईं थी कि व्यापारी आयकर नियमों का हवाला देकर किसानों को 10 हजार रुपए से अधिक का नकद भुगतान नहीं कर रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत आने वाले सीबीडीटी ने अपने सर्कुलर में कहा है कि व्यापारी किसानों को उनकी उपज के लिए 2 लाख रुपए तक का भुगतान नकद राशि में कर सकते हैं। ऐसे भुगतान में आयकर अधिनियम कोई बाधा नहीं डालता। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली से यह कहते हुए इस मामले में दखल देने और नियमों को स्पष्ट करने की अपील की थी कि इस गफलत की वजह से योजना की सफलता में मुश्किलें आ रही हैं।