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राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता सम्मेलन
डॉ. अम्बेडकर व्यक्ति नहीं संस्था थे - मुख्यमंत्री
हम सबके लिए प्रेरणादायी है बाबा साहेब का जीवन - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर के अम्बेडकर नगर (महू) में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता सम्मेलन में शिरकत करते हुए।

हम सबका सौभाग्य है कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जैसे महापुरुष ने मध्यप्रदेश की धरती पर जन्म लिया। बाबा साहेब प्रखर बुद्धि और प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अभाव और कठिनाइयों में भी उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी है। हमें बाबा साहेब की जन्म स्थली पर स्मारक बनवाने का सौभाग्य मिला है। महाराष्ट्र सरकार ने भी इन्दु मिल की जमीन बाबा साहेब की भव्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए हमें सौंप दी है। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के अम्बेडकर नगर (महू) में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती महाकुंभ में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता सम्मेलन में ‘ग्रामोदय से भारत उदय अभियान’ का शुभारंभ करते हुए कही।

इंदौर, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महाकुंभ में देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे श्रद्धालु सरकार के मेहमान हैं। सरकार आज मेजबान की भूमिका में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वे पहली बार महू आये थे, तो देखा कि कुंभ की तरह बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ बाबा साहब के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने आते हैं, किंतु उनके रुकने और खाने-पीने का कोई प्रबंध नहीं है। तभी तय किया कि डॉ. अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को हर साल महाकुंभ होगा और सरकार महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारी सरकार सभी वर्गों की सरकार है, किंतु पहले उनकी है, जो सबसे गरीब हैं, जो सबसे नीचे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने गरीबों के उत्थान के लिये सतत् प्रयास किये। वे हमेशा शिक्षित बनने की बात कहते थे। सरकार ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये निःशुल्क गणवेश, किताबें, साइकिल जैसी सुविधाओं के साथ छात्रवृत्ति, छात्रावास, विदेश में अध्ययन की व्यवस्था और शहरों में किराये से कमरा लेकर पढ़ने की सुविधाओं की योजनायें लागू की हैं। साथ ही प्रायवेट मेडिकल/इंजीनियरिंग/प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश मिलने पर सरकार की ओर से फीस दिये जाने दिये की भी योजना संचालित है। रोज़गार के लिये मुख्यमंत्री युवा उद्यमी और स्व-रोज़गार जैसी योजनाएँ विशेषकर अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के युवकों के लिये शुरू की गई हैं। इन योजनाओं में बैंक ऋण की गारंटी राज्य शासन द्वारा दी जाती है।

वन, योजना, आर्थिक और सांख्यिकी मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के कार्यकाल में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को सबसे ज्यादा लाभ मिला है। सामाजिक समरसता के क्षेत्र में भी सर्वाधिक प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की दरों में खासी बढ़ोत्तरी की गयी है।

महाराष्ट्र की सांसद सुश्री पूनम महाजन ने कहा कि बाबा साहेब बड़े दूरदृष्टा थे। उन्होंने हमें ऐसा संविधान दिया जो हर परिस्थिति में समीचीन है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने इन्दु मिल की जमीन को बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापना के लिये दे दिया है।

  • बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पांच स्थान पंच तीर्थ के रूप में होंगे विकसित।
  • भारत सरकार ने लंदन में उस भवन को भी स्मारक के लिए खरीद लिया है, जिसमें रहकर बाबा साहब ने पढ़ाई की थी।