Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

मनरेगा शांतिधाम से गाँवों में अंतिम संस्कार करना हुआ आसान

भोपाल, मनरेगा से जहाँ एक ओर लोगों को रोज़गार के अवसर, आजीविका के साधनों के साथ-साथ मूलभूत जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अंतिम संस्कार के लिये बेहतर इंतजाम करके ‘जिन्दगी के साथ भी, जिन्दगी के बाद भी’ को भी चरितार्थ किया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र में अंतिम संस्कार की समुचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को अंतिम क्रिया के दौरान, खासतौर से बरसात के मौसम में होने वाली दिक्कतों का समाधान किया है, मनरेगा की शांतिधाम उपयोजना ने। मनरेगा से बन रहे शांतिधाम में शेड के साथ शवदाह के लिये प्लेटफार्म बनाए जा रहे हैं। साथ ही शांतिधाम के चारों ओर सुरक्षा के भी इंतजाम किए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में मनरेगा की शांतिधाम उपयोजना से लगभग 10 हजार से अधिक शांति-धाम/कब्रिस्तान के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। वहीं 21 हजार से अधिक स्वीकृत कार्य निर्माणाधीन हैं। हर गाँव में शांति-धाम/कब्रिस्तान बनाया जाना सरकार की प्राथमिकता में है। अब प्रत्येक ग्राम में आबादी के हिसाब से कम से कम एक शांति-धाम/कब्रिस्तान बनाया जाना है।  शमशान घाट में पानी की व्यवस्था के लिए हैंडपंप सहित टंकी बनवाने के लिए एक लाख रुपये लागत आयेगी। इसकी व्यवस्था सांसद, विधायक-निधि, जिला एवं जनपद पंचायतों को दिये जाने वाले मूलभूत अनुदान, पंचायत कर एवं शुल्क से आय तथा जन-सहयोग से की जा सकेगी।