Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा
नर्मदा के किनारे विकसित हुए कई कस्बे, शहर और महानगर
नर्मदा के बिना प्रदेश की कल्पना भी है अधूरी

जबलपुर, नर्मदा नदी के बिना मध्यप्रदेश का स्वरूप निष्प्राण व्यक्ति के समान होता। नर्मदा नदी से प्रदेश के सैकड़ों कस्बे, हजारों गांव सहित शहर और महानगर फलफूल रहे हैं। यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने जबलपुर के शहपुरा भटौनी में ‘नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा’ के दौरान जनसंवाद करते हुए कही।

श्री भार्गव ने कहा कि यात्रा कोई कर्मकांड और औपचारिकता नहीं है। नर्मदा यात्रा की चर्चा दुनिया भर में एक पवित्र संकल्प के रूप में हो रही है। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण की जो शुरुआत मध्यप्रदेश से हुई है, यह देश और दुनिया के लोगों को अपनानी होगी। नर्मदा की सहायक नदियों का भी शुद्धीकरण होना चाहिए।

जैन आचार्य श्री दिनेश शास्त्री महाराज ने अशुद्ध पदार्थ नर्मदा में प्रवाहित नहीं करने की सीख दी। श्री गिरिशानंद महाराज ने नर्मदा शुद्धी के लिए हुई जन-जाग्रति की सराहना की। उन्होंने श्रीमती पार्वती बाई वर्मन की 8 दिन की बेटी का नामकरण ‘श्रेया’  किया। संत अखिलेशानंद महाराज ने बताया कि नर्मदा यात्रा में माँ नर्मदा के नाम से नामकरण संस्कार के नए कार्य को शामिल किया गया है।

पंचायत मंत्री श्री भार्गव ने जबलपुर के मालकछार में दस लाख रुपये की लागत से नर्मदा घाट निर्माण कराने की घोषणा की। पूर्व मंत्री श्री अजय विश्नोई ने कहा कि नर्मदा का कर्ज़ माँ के दूध का कर्ज़ से ज्यादा है।