Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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जीएसटी जागरुकता कार्यशाला
जीएसटी से हुआ देश का आर्थिक एकीकरण - जयंत मलैया
जीएसटी से देश के आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार

भोपाल, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का आर्थिक रूप से एकीकरण किया है। जीएसटी देश की आज़ादी के बाद आर्थिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बदलाव है। जीएसटी से देश के आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी। यह बात वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने भोपाल स्थित समन्वय भवन में आयोजित जीएसटी जागरुकता कार्यशाला को संबोधित करते हुये कही।

वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार के उद्देश्य से लागू किया गया है। प्रदेश में एक जुलाई से वाणिज्यिक कर विभाग की 29 चौकियाँ समाप्त हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि पहले करीब 18 प्रकार के कर हुआ करते थे। अब इन सबको समाप्त कर एक कर जीएसटी लागू किया गया है। श्री मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में पूर्व में वैट विधान में व्यवसायियों को पंजीयन लेने की सीमा 10 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओवर थी। जीएसटी विधान में यह 20 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर कर दी गयी है। इसके साथ ही 75 लाख रुपये तक के व्यापारियों को कंपोजिशन की सुविधा भी दी गयी है। जीएसटी कानून में छोटे व्यवसायियों को सुविधा देने के अधिक से अधिक प्रयास किये गये हैं।

जीएसटी से बढ़ेगी मालवाहक ट्रकों की रफ्तार

वित्त मंत्री ने कहा कि बैरियर खत्म होने से सड़कों पर चलने वाले ट्रकों की रफ्तार तेज होगी। देश में जब बैरियर थे, तो ट्रकों में लगने वाले ईंधन में प्रतिवर्ष एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनावश्यक खर्च होता था। वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका में मालवाहक ट्रक प्रतिदिन 800 किलोमीटर की दूरी तय करता है। जब बैरियर थे तब मालवाहक ट्रक देश में केवल 280 किलोमीटर प्रतिदिन की दूरी तय करते थे। अब मालवाहक ट्रकों की रफ्तार प्रतिदिन 350 से 400 किलोमीटर हो जायेगी।

जीएसटी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखें व्यापारी

राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि जीएसटी का निर्णय देश की तरक्की और आम जनता की भलाई के लिये लिया गया है। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी।