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लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
लोगों की सहायता के लिये संचालित हैं कई योजनायें
 

मध्यप्रदेश सरकार ने लोगों के स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। शासन द्वारा निर्धन-जनों की बीमारी की जाँच करने और उन्हें दवाईयाँ देने के साथ ही गंभीर बीमारी की स्थिति में उपचार कराने की व्यवस्था भी की गई है।

रोग और बीमारी की स्थिति में मदद के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रहीं हैं। ‘रोज़गार और निर्माण’ के इस अंक में ‘‘आगे आयें-लाभ उठायें’ स्तम्भ में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की योजनाओं को प्रकाशित किया जा रहा है। इच्छुक हितग्राही इससे लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

मध्यप्रदेश राज्य बीमारी सहायता निधि योजना

योजना का उद्देश्य :- प्रदेश के गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के सदस्यों को गंभीर जीवन घातक बीमारियों से पीड़ित होने पर उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।

क्या लाभ दिया जाता है योजना में :- योजना के तहत 21 चिन्हित बीमारियों से पीड़ित होने की स्थिति में संबंधित अस्पताल द्वारा रोगी को उपचार के लिए न्यूनतम 25 हजार रुपये तथा अधिकतम 2 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यदि किसी को राज्य बीमारी सहायता निधि योजना से एक बार सहायता लेने के उपरांत, दूसरी बार किसी चिन्हित बीमारी के उपचार या सर्जरी की आवश्यकता हो तो 2 लाख की सीमा में रहते हुए दोनों चिन्हित गंभीर बीमारियों के प्रकरणों को मिलाकर सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा परिवार के किसी अन्य सदस्य को मदद की आवश्यकता होने पर 2 लाख रुपये की सीमा के अंतर्गत योजना का लाभ दिया जाता है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ :- मध्यप्रदेश के ऐसे परिवार, जो प्रदेश के मूल निवासी हों और गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हों, योजना का लाभ ले सकते हैं।

योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें :- मध्यप्रदेश राज्य बीमारी सहायता निधि योजना के अंतर्गत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए, रोगी को, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र भरकर देना होता है।

आवेदन-पत्र के संलग्न प्रपत्र में गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन के प्रमाण-पत्र पर सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर कराना, इलाज करने वाली चिकित्सा संस्था के चिकित्सक का बीमारी का प्रमाण-पत्र एवं उपचार का प्राक्कलन संलग्न करना होता है।

सिविल सर्जन द्वारा बीमारी व उपचार पैकेज का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से उपचार राशि की स्वीकृति के लिए जिला कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर, राशि स्वीकृत की जाती है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा उपचार हेतु स्वीकृति आदेश जारी कर उपचार राशि ई-बैंकिंग द्वारा राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं शासन से मान्यता प्राप्त देश एवं प्रदेश के विभिन्न निजी चिकित्सालयों को भेजी जाती है।

राज्य बीमारी सहायता निधि के नियमों के तहत चिन्हित बीमारियाँ :- राज्य बीमारी सहायता निधि के नियमों के अंतर्गत चिन्हित बीमारियाँ निम्नानुसार हैं -

कैंसर रोग, हृदय शल्य क्रिया, गुर्दा प्रत्यारोपण, घुटना बदलना, कूल्हा बदलना, थोरेसिक सर्जरी, सिर की चोटें, स्पाइन सर्जरी, रेटीनल डिटेचमेंट, प्रसवोत्तर जटिलतायें, ब्रेन सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, एम.डी.आर. के प्रकरण, पेस मेकर, वेसकुलर सर्जरी, कंजेनेण्टल मालफॉर्मेशन, एप्लास्टिक एनीमिया, बर्न एण्ड पोस्ट बर्न कण्ट्रक्टर, क्रॉनिक रीनल डिसीसेज (अ- नेफ्रोटिक सिन्ड्रोम, ब-पैरिटोनियल डायलिसिस, स-हीमो डायलिसिस), स्वाइन फ्लू (‘‘सी’’ कैटेगरी) तथा बांझपन को सम्मिलित किया गया है।

योजना का लाभ लेने के लिए कहाँ करें संपर्क :- मध्यप्रदेश राज्य बीमारी सहायता निधि योजना का लाभ लेने के लिए आप संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना

योजना का उद्देश्य :- मध्यप्रदेश के 18 वर्ष तक के हृदय रोग से पीड़ित सभी बच्चों का निःशुल्क उपचार करना।

योजना कब से शुरू हुई :- मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना 14 जुलाई, 2011 से प्रारंभ की गयी।

क्या लाभ दिया जा रहा है योजना में :- इस योजना में 0 से 18 वर्ष की आयु के समस्त बच्चों को चिन्हांकित कर उनका उपचार किया जा रहा है। हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित पैकेज के अनुसार हृदय रोग से संबंधित 11 बीमारियों के 42 प्रोसिजर कोड अनुसार निर्धारित मॉडल मॉस्टिंग से मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

इस योजना में उपचार के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ :- मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना का लाभ मध्यप्रदेश के 0 से 18 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चे ले सकते हैं। इस हेतु व्यक्ति का गरीबी रेखा के नीचेे या वर्ग विशेष का होना आवश्यक नहीं है।

योजना का लाभ लेने के लिए कहाँ करें संपर्क :- योजना का लाभ लेने के लिए आप संबद्ध जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।