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बिल्डिंग काम्पीटिटिवनेस : ड्राइविंग डेवलपमेंट सम्मेलन
मध्यप्रदेश को विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए हैं संकल्पित
प्रदेश के सभी 53 हजार गांवों को सड़क से जोड़ने का काम कर रही है सरकार

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान मुंबई में सीआईआई के ‘‘काम्पीटिटिवनेस : ड्राइविंग डेवलपमेंट सम्मेलन’’को संबोधित करते हुये।

विकास का प्रकाश जब तक आम आदमी तक नहीं पहुंचता, तब तक वह विकास बेमानी है। मध्यप्रदेश सरकार विकास के साथ प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए संकल्पित है। राज्य सरकार सभी 53 हजार गांवों को सड़क से जोड़ने पर काम कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुम्बई में सीआईआई की क्षेत्रीय वार्षिक बैठक में ‘बिल्डिंग काम्पीटिटिवनेस-ड्राइविंग डेवलपमेंट’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

मुंबई, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा ‘‘आज से 12 वर्ष पूर्व जब मैं प्रदेश का मुख्यमंत्री बना था, तब मुझे प्रशासन का कोई अनुभव नहीं था। मैंने प्रदेश को पिछड़ा राज्य नहीं रहने देने का संकल्प लिया। सड़क, पानी और बिजली के साथ ही खराब कानून-व्यवस्था को सुधारने का बीड़ा उठाया। संकल्प की पूर्ति की राह में सवा लाख किलोमीटर सड़क बनाने का अभियान शुरू किया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान मध्यप्रदेश में कृषि को लाभदायी बनाने की कोशिशें शुरू कीं। सिंचाई पर ध्यान दिया, जिसका परिणाम है कि प्रदेश की सिंचित भूमि का रकबा साढ़े सात हेक्टेयर से बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आज प्रदेश की कृषि विकास दर 20 प्रतिशत से अधिक है, जबकि देश की कृषि विकास दर साढ़े सात प्रतिशत है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास से किसान की क्रय शक्ति और कृषि यंत्रों की बिक्री बढ़ी है, जिसका फायदा उद्योग क्षेत्र को भी हुआ है। अब प्रदेश में पारम्परिक खेती के साथ ही फल-फूल-सब्जी की खेती और खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों की स्थापना पर भी बल दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्ष 2016 में इंदौर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य में दो लाख 43 हजार करोड़ के लेटर-टू इन्वेस्ट प्राप्त हुए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश प्रगति पर है। पुणे की सिम्बायोसिस और मुंबई की नरसीमजी जैसी जानी-मानी शिक्षण संस्थाएँ प्रदेश में इन्वेस्ट कर रही हैं। प्रदेश में लाइमस्टोन प्रचुर मात्रा में होने से सीमेंट उद्योग की भी अपार संभावनाएँ हैं।

  • युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए दो करोड़ रुपये तक का कर्ज़ दिया जा रहा है।
  • छोटे उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड बनाया गया।
  • उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विण्डो सिस्टम कार्यशील।