Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा
नर्मदा के दोनों तटों पर लाखों लोग लगायेंगे पेड़ - मुख्यमंत्री
भारत को जगाने का अभियान है यह यात्रा - डॉ. मोहन भागवत

देवास, नर्मदा नदी से मध्यप्रदेश को पेयजल, सिंचाई, बिजली और रोज़गार मिलता है। पिछले काफी वर्षों में नर्मदा किनारे के पेड़ों की कटाई से नर्मदा की जल धारा प्रभावित हुई है। हमने नर्मदा के दोनों तटों पर पेड़ लगाने का संकल्प लिया है। वर्षाकाल में एक दिन नर्मदा के दोनों तटों पर अमरकंटक से लेकर बड़वानी तक लाखों लोग एक साथ पेड़ लगायेंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देवास जिले के नेमावर में ‘नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा’ को संबोधित करते हुए कही।

किसान अपनी ज़मीन पर फलदार पेड़ लगायें तो उन्हें चार वर्ष तक 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता दी जायेगी। नर्मदा किनारे के सभी शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जायेंगे। नर्मदा किनारे के गाँवों के हर घर में शौचालय बनवायें।

नेमावर में जन-संवाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ संचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा अपने कर्म से पूरे भारत को जगाने का अभियान है। आधुनिक समय में मन में श्रद्धा रखकर कर्मरत होने का सबसे बड़ा उदाहरण यह यात्रा है। डॉ. भागवत ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में नदी को माँ नहीं कहते। हमारे यहाँ नदियों को माँ मानते हैं और पेड़-पौधों की भी पूजा करते हैं। हमारे यहां कण-कण में ईश्वर को देखते हैं। हम सारी दुनिया की एकता में विश्वास रखते हैं।