Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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देश की सुरक्षा के लिए
नेपाल-भूटान सीमा पर बढ़ायी जाएंगी महिला जवान

देश की सुरक्षा के लिए सीमाओं पर महिला जवानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने और उन्हें अहम फील्ड ड्यूटी में तैनात करने को हरी झंडी दी है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को नेपाल व भूटान सीमा के लिए 21 महिला कंपनियों को स्वीकृति दी गई है। एसएसबी जल्द ही एक महिला बटालियन का भी गठन करने जा रहा है।

एसएसबी सूत्रों का कहना है कि नेपाल व भूटान सीमा पर महिलाओं के जरिये की जाने वाली तस्करी और देश विरोधी गतिविधियों को रोकने में महिला जवान कारगर होंगी। नेपाल और भूटान सीमा को मित्र सीमा के रूप में भी देखा जाता है। लेकिन इन सीमाओं पर कई बार गंभीर अपराधों और भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए खास तौर पर महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए ही महिला जवानों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
ब्रांड एंबेस्डर बन रहीं
महिला अधिकारी

सभी सुरक्षा बलों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने और लैंगिक समानता के आधार पर प्रशिक्षण व तैनाती की कवायद चल रही है। सीआरपीएफ ने हाल ही में बनी बस्तरिया बटालियन में 33 फीसदी महिला आरक्षण सुनिश्चित किया है। बीएसएफ अपनी महिला अधिकारी को अग्रिम मोर्चे पर तैनात करके उन्हें बल के ब्रांड एंबेस्डर के तौर पर आगे कर रहा है।
धीरे-धीरे बढ़ रही संख्या

इस समय सशस्त्र बल में करीब 40 महिला अधिकारी, 1630 महिला वर्दीधारी कार्मिक और 184 के करीब सिविल महिला कार्मिक तैनात हैं। वर्ष 2008 में करीब सात महिला कंपनियों को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। अब 21 महिला कंपनियों के बाद महिला जवानों की संख्या करीब तीन हजार बढ़ जाएगी। एक कंपनी में करीब 140 महिला जवानों की भर्ती होगी।