Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

पूर्वोत्तर क्षेत्र की राजधानियों को रेल नक्शे पर लाया जायेगा
पूर्वोत्तर में सड़कों के लिये केंद्र सरकार देगी 90 हजार करोड़ रुपये

शिलांग, पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिये 90 हजार करोड़ रुपये देगी। साथ ही आने वाले समय में पूर्वोत्तर क्षेत्र में 15 रेल लाइनें बिछाई जायेंगी। इससे पूर्वोत्तर की सभी राजधानियाँ रेल नक्शे पर आ सकेंगी। यह बात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मेघालय की राजधानी शिलांग में शिलांग से तुरा को जोड़ने वाले 271 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का लोकार्पण करते हुए कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी की कमी पूर्वोत्तर के विकास की राह में बड़ी बाधाओं में से एक है। सरकार ढाँचागत निवेश के जरिए इस बाधा को समाप्त करना चाहती है, इसीलिए भारत सरकार ने 15 नई रेल लाइनों के लिये 47 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। यह रेलवे नेटवर्क एक हजार 385 किलोमीटर लंबा होगा। इससे पूर्वोत्तर की सभी राजधानियाँ देश के अन्य हिस्सों से कनेक्ट हो सकेंगी।

प्रधानमंत्री ने इसके बाद मिजोरम में 60 मेगावॉट की तुइरियल जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया और कहा कि सिक्किम और त्रिपुरा के बाद मिजोरम पूर्वोत्तर का तीसरा राज्य है, जिसके पास अतिरिक्त बिजली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने एक ऐसी नीति बनाई है, जिसे मंत्रालय का रूप दिया गया है। इस मंत्रालय को डेव्हलपमेंट ऑफ नॉर्थ ईस्ट रीजन नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के लिये चलाई जा रही केंद्रीय योजनाएँ गति पकड़ रही हैं।

  • पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 1998 में तुइरियल परियोजना को दी थी मंजूरी।
  • पिछले तीन वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में एक हजार दो सौ किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया।
  • अगले दो-तीन वर्षों में पूर्वोत्तर में विशेष सड़क विकास परियोजना के तहत 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा।