Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

 
महिला स्व-सहायता समूहों ने बनाई फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ‘रेवांचल’
 

होशंगाबाद, मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में 66 महिला स्व-सहायता समूहों ने मिलकर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी ‘रेवांचल’ पंजीकृत कर स्व-सहायता समूह को संघ का रूप प्रदान किया है। नाबार्ड के मार्गदर्शन एवं वित्तीय सहयोग से इस कंपनी में पाँच सौ महिला सदस्य हैं। कंपनी एक लाख रुपये की अंश पूंजी जमा कर किसानों की आजीविका संवर्धन के लिये कार्य कर रही है।

रेवांचल कंपनी जिले के किसानों को फसलों के उत्तम एवं क्वालिटी वाले बीज बाजार मूल्य से कम भाव पर उपलब्ध करा रही है। ऐसी महिला सदस्य जिनके पास खेती की जमीन नहीं है, कंपनी उन्हें मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिलाती है। महिला सदस्यों ने मशरूम की खेती प्रारंभ कर दी है। कंपनी शीघ्र ही अपने दूध उत्पादन से जुड़ी महिला सदस्यों के लिये मिल्क कलेक्शन सेंटर की स्थापना करने वाली है। ये कंपनी न केवल आजीविका संवर्धन के लिये काम करती है, अपितु कंपनी के सदस्य डिजिटल इंडिया कैम्पेन, जल संरक्षण अभियान जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। हाल ही में कंपनी के 384 सदस्यों को डिजिटल वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी तरह, नाबार्ड द्वारा संचालित जल अभियान में कंपनी की आठ महिलाओं ने कृषि जलदूत बनकर 72 गाँवों में लोगों को जल-संवर्धन तथा जल-संरक्षण के लिये प्रेरित किया है।

अधिकतर लोग यही सोचते हैं कि ग्रामीण महिलाएँ सिर्फ छोटे संगठन चला सकती हैं। लेकिन रेवांचल कंपनी की महिलाओं ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है।

इस कंपनी के समस्त कार्यों का संचालन, चाहे वो कंपनी के बिजनेस की देखभाल और विस्तार हो अथवा वैधानिक आवश्यकताओं को समय पर पूर्ण करना, इन महिलाओं ने इसे बखूबी संभाल रखा है। रेवांचल कंपनी अब रजिस्ट्रेशन के बाद लाइसेंस भी प्राप्त कर चुकी है। यह निश्चित ही महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है, जहाँ महिलाएँ कंपनी बनाकर अपने सदस्यों का जीवन संवर्धन कर रही हैं। इस कंपनी का आगामी लक्ष्य तीन वर्षों में अपने सभी सदस्यों को रोज़गार से जोड़ते हुए खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना करना है।