Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

आदि महोत्सव
भोपाल हाट में होंगे लघु भारत के दर्शन
आदि महोत्सव में 25 राज्यों के सौ से अधिक कलाकार हिस्सा ले रहे हैं

भोपाल, भोपाल हाट में अलग-अलग प्रदेश की संस्कृतियाँ एक ही स्थान पर देखने को मिलती हैं। यहाँ लघु भारत के दर्शन होते हैं। यहाँ विशिष्ट भारतीय संस्कृति और भाषायी एकता भी देखने को मिलती है। यह बात जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने भोपाल स्थित ‘भोपाल हाट’ में 13 दिवसीय ‘आदि महोत्सव’ का शुभारंभ करते हुए कही।

जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि आदि महोत्सव जैसे कार्यक्रम शिल्पियों के आर्थिक उन्नयन में भी मददगार हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी शिल्प की वस्तुओं को खरीदकर हुनरमंद कलाकारों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं सहकारिता राज्यमंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि आदिवासी शिल्पी आदि महोत्सव के माध्यम से स्वावलम्बन प्राप्त करने के साथ ही परम्पराओं को सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य भी कर रहे हैं।

महोत्सव में सौ से भी अधिक स्टॉलों के माध्यम से आदिवासी कलाकृतियों का प्रदर्शन और विक्रय किया गया है। महोत्सव में 25 राज्यों के सौ से अधिक आदिवासी कलाकार भाग ले रहे हैं। महोत्सव का विशेष आकर्षण आदिवासी गीत-संगीत और नृत्य है। महोत्सव में जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और गुजरात से लेकर नागालैण्ड तथा सिक्किम की आदिवासी कलाकृतियाँ एवं कपड़ों का प्रदर्शन-सह-बिक्री की जा रही है। महोत्सव में आदिवासियों में डिजिटल और ई-कॉमर्स को प्रोत्साहित करने के लिये सभी स्टॉलों पर क्रेडिट एवं डेबिट-कार्ड के माध्यम से पेमेंट की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके लिये आदिवासी कारीगरों को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा विशेष ट्रेनिंग दी गई है।