Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

 
मार्केटिंग और पैकेजिंग जैसे कार्य भी करेंगे महिला स्व-सहायता समूह
जनवरी से होंगे महिला स्व-सहायता समूहों के जिला-स्तरीय सम्मेलन

भोपाल, महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में महिला स्व-सहायता समूह नई ताकत बनकर उभर रहे हैं। महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिये विपणन (मार्केटिंग) और पैकेजिंग जैसे कार्यों में इनका सहयोग लिया जायेगा। आगामी जनवरी से मार्च माह तक सभी जिलों में जिला स्तरीय महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कही।

  • महिला स्व-सहायता समूहों के जिला स्तरीय शिविर लगाये जायेंगे।
  • बच्चों के पोषण के लिये सहरिया जैसी पिछड़ी जनजातियों की महिलाओं के बैंक खातों में हर माह एक हजार रुपये की राशि जमा करवाई जायेगी।

महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की होगी ब्रांडिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग का कार्य भी अत्यंत आवश्यक है। वह स्वयं जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के उपयोग के लिए आमजन को प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘टेक होम राशन निर्माण योजना’ स्व-सहायता समूह सशक्तिकरण की अभिनव पहल है। इसका सफल संचालन राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण का अभूतपूर्व कार्य होगा। महिलाओं के स्व-सहायता समूह के फेडरेशन को टेक होम राशन निर्माण की फैक्ट्री चलाने की जिम्मेदारी, महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी साधन साबित होगा।

कुपोषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर किये जायेंगे कार्य

श्री चौहान ने कहा कि सभी विभाग एकीकृत रूप में कुपोषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर कार्य करें। कुपोषण के खिलाफ जंग के ऐलान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म-दिवस 25 दिसंबर के अवसर पर कराहल जिला श्योपुर में शिविर लगायें। साथ ही पोषण के लिए सस्ती दर पर दालें उपलब्ध करवाने के लिए भी  कार्यवाही की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में की गई 17 घोषणाओं के अनुपालन से संबंधित नौ विभागों के प्रमुख सचिव द्वारा कार्य की प्रगति से अवगत कराया गया।

प्रगति पर है सम्मेलन में की गयी घोषणा का क्रियान्वयन

इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग द्वारा दो, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा तीन, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छह और वित्त, वाणिज्यिक कर, ऊर्जा, नगरीय विकास एवं आवास तथा जनजातीय कार्य विभाग द्वारा एक-एक घोषणा के अनुपालन की कार्रवाई की जानकारी दी गई।