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ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में हैं कैरियर के अवसर


रोबोट ने जहाँ मनुष्य को शारीरिक क्षमताओं के मामले में पीछे छोड़ दिया है, वहीं अब दिमागी कामों के मामले में भी रोबोट इंसान को पछाड़ सकते हैं। जापान की सॉफ्ट बैंक कॉर्प जैसी दुनिया की कई कंपनियाँ मानवीय मस्तिष्क की तरह काम करने वाले रोबोट विकसित कर रही हैं। ये रोबोट डॉक्टर, इंजीनियर, एडवोकेट, सैनिक, प्रोफेसर, संपादक, इंजीनियर, कंप्यूटर इंजीनियर, अकाउंटेंट और सेल्समैन आदि की तरह काम कर सकते हैं। यदि हम भारत में रोबोट तैनाती का परिदृश्य देखें तो पाते हैं कि देश में वाहन उद्योग में रोबोटों की संख्या सबसे अधिक है। फोर्ड की साणंद स्थित नई इकाई में 437 रोबोट तैनात हैं। बॉडी शॉप में तो 95 फीसदी काम रोबोट से लिया जाता है। दुनिया के कई देशों में रोबोट जीवन और उद्योग-कारोबार का महत्वपूर्ण भाग बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि रोबोटिक्स के क्षेत्र में कैरियर की सुनहरी संभावनाएँ हैं।
क्या है ऑटोमेशन व
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

गौरतलब है कि ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंजीनियरिंग की वह शाखा है, जिसके अंतर्गत रोबोट की डिज़ाइनिंग, उनका अनुरक्षण, नए एप्लिकेशन का विकास और अनुसंधान जैसे काम सम्मिलित किए जाते हैं। ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में मेनिपुलेशन तथा प्रोसेसिंग के लिए कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। ऑटोमेशन व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंजीनियरिंग शाखा में बेसिक इंजीनियरिंग के सिद्धांत व रोबोट्स का विकास तथा उपयोग करने के लिए तकनीकी दक्षता सिखाई जाती है। इसमें डिज़ाइन इंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन टेस्टिंग, सिस्टम मेंटेनेंस तथा रिपेयरिंग आदि शामिल हैं। गौरतलब है कि रोबोट एक ऐसी स्व नियंत्रित रि-प्रोग्रामेबल बहुउद्देशीय मशीन होती है, जिसे लोकोमोशन सहित या उसके बिना इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एप्लिकेशन के लिए या विभिन्न कामों के लिए सामान्यतः प्रयोग में लाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न क्रियाकलापों में रोबोटों का उपयोग निरंतर बढ़ता ही जा रहा है, इसलिए इस क्षेत्र में रोज़गार के बहुत उजले अवसर विद्यमान हैं।
औद्योगिक रोबोट्स इसकी
सबसे बड़ी शाखा

ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को सामान्यतः चार वर्गों में बाँटा जा सकता है। ये हैं- औद्योगिक रोबोट, पर्सनल रोबोट, मेडिकल या सर्जिकल उपयोग के लिए रोबोट तथा ऑटोनॉमस रोबोट। इनमें सबसे बड़ी श्रेणी औद्योगिक रोबोटों की होती है, जो साधारण प्रोग्राम योग्य रोबोट होते हैं, जिनका इस्तेमाल मेन्युफैक्चरिंग संयंत्रों में बहुतायत में होता है। उद्योगों में रोबोट्स का उपयोग निर्माण प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया जाता है। औद्योगिक रोबोट्स द्वारा वेल्डिंग, पेंटिंग तथा मशीनों में कलपुर्जे लगाने का काम किया जाता है। रोबोट्स असेम्बलिंग, कटिंग तथा ऑटोमोबाइल्स के विभिन्न पार्ट्स को लगाने का काम भी बड़ी कुशलता एवं दक्षता से करते हैं। एटॉमिक, थर्मल तथा न्यूक्लियर पॉवर स्टेशनों पर खतरनाक एवं जोखिम वाले तत्वों की साज-संभाल तथा मेंटेनेंस में भी इंसानों के बजाय रोबोटों का प्रयोग बढ़ा है। अब मिलिट्री ऑपरेशंस में भी रोबोट दिखाई देने लगे हैं। इन्हें न्यूक्लियर साइंस, सी-एक्सप्लोरेशन, इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स की ट्रांसमिशन सर्विस, बायोमेडिकल इक्विपमेंट की डिज़ाइनिंग आदि के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। आजकर रोबोट शल्य चिकित्सा करते हैं, बारूदी सुरंगों को हटाते हैं तथा बमों को निष्क्रिय करते हैं। जिस तरह से दिन-प्रतिदिन रोबोटों की मांग बढ़ती जा रही है, उसे देखते हुए ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स एक शानदार एवं सुनहरा कैरियर बनता जा रहा है।
इसके अंतर्गत करते हैं
कृत्रिम बुद्धि का अध्ययन

ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस शाखा के अंतर्गत कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का भी अध्ययन किया जाता है। यह कम्प्यूटर विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें यह सीखा जाता है कि कम्प्यूटर में आदमी जैसी बुद्धि कैसे आए। ऑटोमेशन एंड रोबोटिक्स एक मल्टीडिसिप्लिनरी फील्ड है, जिसमें कम्प्यूटर साइंस, न्यूरोसाइंस, मनोविज्ञान आदि विषय भी शामिल किए जाते हैं। कृत्रिम बुद्धि का उद्देश्य ऐसे कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाना होता है, जो समस्याओं को हल कर सकें। इसमें रिसर्च की दो मुख्य धाराएँ होती हैं। एक जैविक है, जो इस विचार पर आधारित है कि आदमी सबसे बुद्धिमान होता है इसलिए आदमी का अध्ययन किया जाए और उसके मनोविज्ञान या शरीर संरचना की रोबोट के रूप में नकल उतारी जाए। दूसरा है घटना प्रधान जो संसार के बारे में साधारण ज्ञान की बातों के अध्ययन से संबंधित है। ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस विशेषज्ञ ऐसे सिस्टम विकसित करते हैं, जिनसे मशीनों से इंटरेक्ट किया जा सके।
इस कोर्स के लिये
जरूरी हैं ये डिग्रियां

ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के अध्ययन के लिए इंजीनियरिंग डिग्री आवश्यक है। इस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिक्स तथा कम्प्यूटर साइंस जैसे सहयोगी क्षेत्रों का ज्ञान शामिल होता है। इसलिए इस क्षेत्र में कैरियर बनाने वालों को इन क्षेत्रों से संबंधित तकनीकों से भी अवगत होना चाहिए। यदि आप ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में डिज़ाइनिंग तथा कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल करनी होगी। कंट्रोल तथा हार्डवेयर में डिज़ाइनिंग के लिए इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक डिग्री लाभदायक होती है। ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में कैरियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्र गणित में बहुत अच्छे होने चाहिए। ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में कैरियर बनाने हेतु 12वीं कक्षा में भौतिक एवं गणित विषय होना नितांत आवश्यक है। इसके साथ ही साथ उच्चतम प्रतियोगी तथा तकनीकी क्षेत्र में आविष्कार तथा कुछ नया करने के लिए सृजनात्मक योग्यता भी बेहद जरूरी है। ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में कैरियर बनाने वालों को सबसे पहले यह करना होगा कि वह कम्प्यूटर, आईटी, मैकेनिकल, मैकेट्रोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स अथवा इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक की डिग्री प्राप्त करें। यदि आप उच्च अध्ययन करते हैं तो इस क्षेत्र में आपके प्रवेश की संभावना और अवसर दोनों ही बढ़ जाएँगे।
नौकरियों के हैं बेहतर अवसर

ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में कोर्स करने वाले छात्र इसरो जैसे अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में रोज़गार के विशिष्ट अवसर प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही रोबोटिक्स इंजीनियरों की माइक्रोचिप बनाने वाले उद्योगों में भी काफी मांग है। ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन से मेन्युफैक्चरिंग, कृषि, खनन, परमाणु ऊर्जा संयंत्र जैसे क्षेत्रों में कैरियर निर्माण के दरवाजे खुल जाते हैं। वर्तमान समय में ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में योग्य और गुणी प्रोफेशनल्स के सामने कैरियर निर्माण का एक सुनहरा संसार बाहें पसारे खड़ा है। जहाँ तक इस क्षेत्र में पारिश्रमिक का प्रश्न है, इस क्षेत्र में बेहतरीन वेतन प्रदान किया जाता है। सामान्यतः आरंभिक वेतन 50 हजार से एक लाख रुपए मासिक के बीच होता है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा योग्य ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रोफेशनल्स को बड़ा भारी वेतन एवं अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं। विदेशों में भी ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंजीनियरों की भारी मांग है।
ऑटोमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से संबंधित पाठ्यक्रम संचालित करने वाले देश के प्रमुख संस्थान इस प्रकार हैं-
सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड रोबोटिक्स, बेंगलुरू।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), दिल्ली, कानपुर, मद्रास, मुंबई, खड़गपुर, गुवाहाटी, रूड़की आदि।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरू।
बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स), पिलानी।
जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकाता।
यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, हैदराबाद।
एम.एस. यूनिवर्सिटी, बड़ौदा।
नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली।
कोचिन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, कोच्चि।
थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियंिरंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला।

श्रीमती मीना भंडारी
(लेखिका सुप्रसिद्ध कैरियर काउंसलर हैं)