Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन, मंत्रालय (वल्लभ भवन)
तृतीय मंजिल कक्ष-303 ‘ए’ भोपाल
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(म.प्र. के विश्वविद्यालयों में लोकपाल (Ombudsman) के पद पर पदस्थगी के लिये)

विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (शिकायत निवारण) विनियम 2012, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम 1956 (3:1956) तहत म.प्र. विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के तहत स्थापित समस्त पारंपरिक विश्वविद्यालयों, शेष पृथक-पृथक अधिनियम के तहत स्थापित विश्वविद्यालयों एवं म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2007 के तहत स्थापित विश्वविद्यालयों में छात्रों की शिकायतों के निराकरण के लिये लोकपाल (Ombudsman) के पद हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किये जाते हैं।
पात्रता एवं अनुभव - लोकपाल वह व्यक्ति होगा जो एक न्यायाधीश रहा हो, जो जिला न्यायाधीश से निचले पद का न हो अथवा एक अवकाश प्राप्त प्रोफेसर हो जिसके पास एक प्रोफेसर के रूप में दस वर्ष का अनुभव हो।
कार्यकाल - लोकपाल (Ombudsman) एक अंशकालीक अधिकार होगा जिसे तीन वर्ष के लिये अथवा 70 वर्ष की आयु प्राप्त होने तक इनमें से कार्यभार संभालने की तिथि से जो भी पहले हो, नियुक्त किया जायेगा तथा उसी विश्वविद्यालय में उसे एक और सत्र के लिए भी नियुक्त किया जा सकता है।
शुल्क - लोकपाल को यात्रा व्यय पूर्ति के अतिरिक्त प्रतिदिन सुनवाई के लिए रुपये 3000/- का शुल्क देय होगा, जो कि विश्वविद्यालय द्वारा दिया जायेगा।
आवेदक द्वारा आवेदन पत्र मात्र रजिस्टर्ड/स्पीड पोस्ट से पता - ‘‘अपर मुख्य सचिव म.प्र. शासन उच्च शिक्षा मंत्रालय,, भूतल, कक्ष क्र.-56 ‘ए’ भोपाल-462004 पर प्रेषित की जा सकेगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25.02.2018 तक बढ़ाई जाती है। अंतिम तिथि पश्चात् प्राप्त एवं अपात्र/अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण आवेदनों पर विचार नहीं किया जावेगा।’’

अवर सचिव
म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग