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फिक्की महिला संगठन
उद्यमिता के जरिये महिलाओं को स्टार्ट-अप से जोड़ा जाये - राष्ट्रपति

नई दिल्ली, सशक्त नारी से ही देश और समाज सशक्त बनता है। आज देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का योगदान पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। महिलाओं के समुचित सशक्तिकरण के लिये जरूरी है कि निचले तबके की महिलाओं को स्टार्ट-अप से जोड़ा जाये। साथ ही उन्हें उद्यमिता गतिविधियों से अवगत कराया जाये। इस काम को फिक्की महिला संगठन बखूबी कर सकता है। यह बात राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने नई दिल्ली में ‘फिक्की महिला संगठन’ के 34वें वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुये कही।

राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के बीच उद्यम की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये कई निर्णायक कदम उठाये हैं। महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के बीच उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिये अप्रैल 2016 में स्टैंडअप इंडिया पहल की शुरुआत की गई। करीब 45 हजार ऋण मुख्यतः वास्तविक स्वामियों के बीच वितरित किये गये। करीब 39 हजार ऋण महिलाओं को दिये गये। मुद्रा योजना के अंतर्गत पिछले तीन वित्तीय वर्षों में करीब 117 मिलियन ऋणों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 88 मिलियन ऋण महिला उद्यमियों को दिये गये।

राष्ट्रपति ने फिक्की महिला संगठन के सदस्यों से आग्रह किया कि वह देखें कि किस प्रकार व्यवसायों को बड़े पैमाने पर महिलाओं द्वारा चलाया जा सकता है। वे किस प्रकार- विक्रेता, सहायक, आपूर्तिकर्ता, वितरक अथवा किसी अन्य रूप में इन स्टार्ट-अप का हिस्सा बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट क्षेत्र को महिलाओं के अनुकूल और लिंग संवेदनशील आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने की दिशा में कदम उठाने चाहिये, ताकि हमारी अर्थव्यवस्था में महिलाओं को सिर्फ शामिल करने के बजाय उन्हें अधिकार सम्पन्न बनाया जा सके।