Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की फीस भरेगी सरकार

भोपाल, मध्यप्रदेश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये धन की कोई कमी नहीं होगी। प्रदेश सरकार मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की फीस भरेगी। साथ ही इन विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग और रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में ‘पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग’ की समीक्षा करते हुये कही।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं का रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण होना चाहिये, जिससे उन्हें सरलता से रोज़गार प्राप्त हो सके। उन्होंने सभी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में विभाग के सचिव श्री रमेश थेटे ने बताया कि पिछड़ा वर्ग राज्य छात्रवृत्ति योजना में प्रति वर्ष लगभग 30 लाख विद्यार्थियों को 150 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की जाती है। वर्ष 2017-18 में विभिन्न योजनाओं में 573 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गयी। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग के छात्र एवं छात्राओं के लिये हर जिले में छात्रावास संचालित हैं। उज्जैन, भोपाल और ग्वालियर में सौ सीटर छात्रावास भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। इसी तरह जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर में पांच सौ सीटर, दमोह, उज्जैन, राजगढ़ एवं रायसेन में सौ सीटर कन्या छात्रावास भवन स्वीकृत किये गये हैं। विकासखण्ड स्तर पर भी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये बालक और बालिकाओं के लिये दस-दस छात्रावास स्वीकृत किये गये हैं।

  • वर्ष 2017 में आठ हजार 525 युवाओं को दिया गया रोज़गोरान्मुखी प्रशिक्षण।
  • श्योपुर, बुरहानपुर और खरगोन में सौ सीटर अल्पसंख्यक कन्या छात्रावास सह कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का किया जा रहा है निर्माण।