Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.95 लाख करोड़ रुपये के पार
 

नई दिल्ली, कर दायरे में बड़ी संख्या में नए करदाताओं के जुड़ने से वित्त वर्ष 2017-18 में आयकर संग्रह 9.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह 9.80 लाख करोड़ रुपये के बजटीय लक्ष्य की तुलना में अधिक है। हालांकि, यह वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में तय संशोधित लक्ष्य 10.05 लाख करोड़ रुपये से अभी भी कम है। सरकार को उम्मीद है कि अभी और संग्रह आने के साथ इस के निकट तक पहुंचा जा सकता है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्र ने कहा कि अब तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में 9.95 लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष कर संग्रह हुआ है। यह वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में 17.1 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा, ‘हमने पहले ही बजट के अनुमान को पार कर लिया है और अब संशोधित लक्ष्य को पाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। आज के आंकड़े प्राथमिक हैं,  अभी और कर संग्रह आने की उम्मीद है। वहीं, वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि 9.95 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। अगले 3-4 दिनों में कम से कम 5,000 करोड़ रुपये और आएंगे। यदि हम 10  लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल कर लें, तो यह मील का पत्थर होगा। मालूम हो, वित्त वर्ष 2016-17 में 5.43 करोड़ आयकर रिटर्न दायर किए गए थे, जो वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़कर 6.84 करोड़ पर पहुंच गए। इनमें से 6.74  करोड़ आईटीआर ऑनलाइन दायर किए गए।