Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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बंद नल-जल योजनाओं को तत्काल किया जाये आरंभ
 

भोपाल, ग्रीष्मकाल में मध्यप्रदेश में कहीं भी पेयजल संकट नहीं होना चाहिये। जिन स्थानों में पेयजल संकट है, वहां तत्काल समुचित व्यवस्था की जाये। बंद नल-जल योजनाओं को शीघ्र चालू किया जाये और खराब पड़े हैंडपंपों को सुधारा जाये। ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुये दिये।

  • मध्यप्रदेश में पांच लाख 38 हजार हैंडपंप और 15 हजार 501 नल-जल योजनायें संचालित हो रही हैं।
  • मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजनांतर्गत चार हजार 899 जल स्रोत किये गये निर्मित।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जहां पर कोई भी जल स्रोत नहीं होने से पेयजल की समस्या हो वहां तत्काल हैंडपंप लगायें या अन्य जरूरी उपाय करें। उन्होंने कहा कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण होने चाहिये। उन्होंने कहा कि जल निगम द्वारा क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुये योजनायें बनाई जायें, जिससे पूरे गांव को पेयजल उपलब्ध हो सके।

इस दौरान बताया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुये सभी जगह पर्याप्त पाइप एवं अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी गयी है। बैठक में जल निगम के निविदा दस्तावेजों में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जल निगम द्वारा सात नई योजनायें स्वीकृत की गई हैं। इनके अलावा 12 योजनायें पूर्ण हो गई हैं एवं 22 योजनायें प्रगति पर हैं, जिनसे 1 हजार 910 ग्राम लाभान्वित होंगे।