Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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पर्यटन परियोजनाओं के लिए
उन्नचास जिलों में 850 हेक्टेयर शासकीय भूमि का लैण्ड-बैंक तैयार
 

भोपाल, मध्यप्रदेश में पर्यटन के विस्तार, निजी निवेशकों को आकर्षित करने, पर्यटन नीति के क्रियान्वयन और पर्यटन विकास एवं प्रोत्साहन कार्य के बेहतर सम्पादन के उद्देश्य से नवगठित ‘टूरिज़्म बोर्ड’ ने निजी निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में पहली बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बोर्ड द्वारा अब तक पर्यटन विभाग के लिए 49 जिलों के 144 स्थानों पर 849.77 हेक्टेयर शासकीय भूमि हस्तानांतरित करवाकर लैण्ड-बैंक बनाया है।

पर्यटन राज्यमंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा ने बताया कि प्रदेश को पांच पर्यटन क्षेत्रों में विभाजित कर निवेश की संभावनाओं को चिन्हांकित किया गया है।

इंदौर क्षेत्र में इंदौर, धार, खण्डवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, उज्जैन, रतलाम, देवास, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के 43 स्थानों पर 233 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हस्तांतरित होने के साथ ही इन जिलों के 17 स्थानों पर 81 हेक्टेयर से ज्यादा अतिरिक्त भूमि चिन्हित हुई है।

भोपाल क्षेत्र में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल और हरदा जिले के 33 स्थानों की 135 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हस्तांतरित होने के बाद इन्हीं जिलों के 16 स्थान पर 82 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित हुई है।

जबलपुर क्षेत्र में जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, बालाघाट, डिन्डौरी, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले के 28 स्थानों पर करीब 82 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि हस्तांतरित करने के बाद इन्हीं जिलों के 10 स्थानों पर करीब 32 हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त रूप से चिन्हित हुई है।

ग्वालियर क्षेत्र में ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिण्ड एवं टीकमगढ़ जिले के 15 स्थानों पर पर करीब 111 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित और 10 स्थानों पर करीब 32 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित की गई है।

इसी तरह रीवा क्षेत्र में रीवा, सीधी, सतना, सिंगरौली, सागर, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिले के 25 स्थानों पर 285 हेक्टेयर से ज्यादा शासकीय भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित और 71 स्थान पर 24 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि अतिरिक्त रूप से चिन्हित हुई है।