Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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किसान सम्मान यात्रा
फसलों के निर्यात के लिये बनाई जा रही है कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी
फसल का मूल्य निर्धारित करने के लिये समिति का किया गया गठन - मुख्यमंत्री

मुरैना, किसानों की मेहनत से ही मध्यप्रदेश को पांच बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। अगर किसान ही खुश नहीं होगा, तो प्रदेश कैसे सुखी हो सकता है। प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये राज्य सरकार द्वारा कई योजनायें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में फसल का मूल्य निर्धारण करने के लिये राज्यस्तरीय समिति का गठन किया गया है। प्रदेश के किसानों की फसलें विदेशी बाजार में जायें, इसके लिये कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी बनाई जा रही है। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुरैना जिले में ‘किसान सम्मान यात्रा’ को संबोधित करते हुये कही।

  • प्रदेश में वर्ष 2025 तक सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 80 लाख हेक्टेयर किया जायेगा।
  • शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण की फीस होगी माफ।
  • असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में ढाई एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को भी किया जायेगा शामिल।

श्री चौहान ने कहा कि किसान के घाटे की भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। किसी भी आपदा से किसान की फसल को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान होता है, तो उसे प्रति हेक्टेयर 30 हजार की राहत राशि दी जायेगी। चंबल क्षेत्र के विकास के लिए सरकार किसानों के साथ है। चंबल नहर का पानी पूरे चंबल क्षेत्र में पहुंचाया जा रहा है। चंबल के बीहड़ों को गुलजार करने के लिए चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। इसी के साथ चंबल क्षेत्र में आर्मी की भर्ती के लिये भी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान यात्रा का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ देना तथा खेती को लाभ का धंधा बनाना है। यात्रा प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में जायेगी और किसानों का सम्मान करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को भी दो सौ रुपए प्रति क्विंटल के मान से उनके खाते में राशि प्रदान की जायेगी। जानकारी एसएमएस के माध्यम से किसानों को दी जायेगी। किसानों द्वारा खाता नम्बर में कोई परिवर्तन किया गया है, तो वे इसमें संशोधन करा सकते हैं। राशि किसानों को 16 अप्रैल को प्रदान की जायेगी।

अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि अब 27 अप्रैल

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ वर्ष 2017 में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा जीरो प्रतिशत ब्याज पर वितरित अल्पावधि फसल ऋण की देय तिथि 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दी गई है। किसानों के हितों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है।

कार्यक्रम में केंद्रीय पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 2003 के पहले गेहूं उत्पादन में लोग पंजाब और हरियाणा का नाम लिया करते थे। अब मध्यप्रदेश देश में नम्बर वन प्रदेश बन गया है।