Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
social media accounts

मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल
मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में खोले जायेंगे कॅरियर मार्गदर्शन केंद्र
75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को मिलेंगे लैपटॉप
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ‘मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल’ के दूसरे चरण की काउंसलिंग में विद्यार्थियों से संवाद करते हुये।

मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन देने के लिये ‘मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल’ शुरू की गई है। विद्यार्थियों को जिला स्तर पर मार्गदर्शन देने के लिये सभी जिलों के उत्कृष्ट विद्यालयों में कॅरियर काउंसलिंग केंद्र प्रारंभ किये जायेंगे। काउंसलिंग सत्र समाप्त होने के बाद कोई भी बच्चा इन केंद्रों में जाकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। प्रदेश में अब 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिये लैपटॉप दिये जायेंगे। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल- ‘हम छू लेंगे आसमां’ के दूसरे चरण के काउंसलिंग सत्र को संबोधित करते हुये कही।

भोपाल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कम अंकों से घबराने और निराश होने की जरूरत नहीं है। कॅरियर के कई रास्ते खुले हैं। कौशल और संपन्न मानव संसाधन की हर क्षेत्र में जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का सम्मान करें। जिस विषय में मन लगे, आनंद मिले, उसमें आगे बढ़ें। जो कॅरियर मन के करीब हो, उसे चुनें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लक्ष्य तय करें। फिर एक रोडमैप बनायें और पूरी मेहनत से रोडमैप पर चलते रहें। मुख्यमंत्री ने गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, महाकवि कालिदास, तुलसीदास, स्वामी विवेकानंद, जॉर्ज वाशिंगटन जैसे महान व्यक्तियों का उदाहरण देते हुये बताया कि परीक्षा में कम नंबर आने के बावजूद उन्होंने अपने जीवन में महान कार्य किये हैं। उनके कार्यों को दुनिया याद करती है। ये हस्तियां कई पीढ़ियों के लिये प्रेरणा स्रोत हैं।

श्री चौहान ने कहा कि सफलता के लिये कुछ कर गुजरने की तड़प होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं कक्षा में पास होने वाले बच्चों के लिये विषय चुनना और आगे बढ़ने के लिये कॅरियर चुनना कठिन काम होता है। उन्हें अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत होती है। इसलिये कॅरियर मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है। हर जिले और ब्लॉक स्तर पर कॅरियर मार्गदर्शन उपलब्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि कॅरियर मार्गदर्शकों के पास जायें, उनसे चर्चा करें, उन्हें अपनी रुचि बतायें। साथ ही भविष्य के लिये मार्गदर्शन प्राप्त करें और फिर अपना रास्ता तय करें।

सेना में जाने के लिये मार्गदर्शन देने की होगी व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के बच्चों के कॅरियर संबंधी सवालों के फोन-इन कार्यक्रम के माध्यम से जवाब दिये। सेना में भर्ती होने और सेना में नौकरी करने के लिये उचित मार्गदर्शन मांगने से संबंधित सवाल का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने बताया कि सेना में जाने के इच्छुक बच्चों की आवश्यक तैयारी और मार्गदर्शन के लिये जल्दी ही संस्थान की व्यवस्था की जायेगी। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकतानुसार कृषि महाविद्यालय खोले जायेंगे।

  • मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल का दूसरा चरण 15 जून तक चलेगा।
  • दूसरे चरण में 70 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों की होगी काउंसलिंग।
  • विद्यार्थियों की काउंसलिंग के लिये 1 हजार 850 कॅरियर मार्गदर्शक विशेष रूप से आमंत्रित किये गये हैं।