Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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सरकार के रोज़गार सृजन कार्यक्रमों में निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी
युवाओं को रोज़गार के लिये किया जाये प्रशिक्षित

नई दिल्ली, राष्ट्र का भाग्य युवा बनाते हैं। सरकार को युवाओं को रोज़गार गतिविधियों के लिये प्रशिक्षित करना चाहिये। युवाओं को उद्यम संबंधी कौशल प्रदान किया जाना चाहिये, ताकि वे ‘रोज़गार सृजक’ बन सकें। सरकार के रोज़गार सृजन कार्यक्रमों के तीव्र क्रियान्वयन के लिये निजी क्षेत्रों की भागीदारी भी आवश्यक है। यह बात उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने नई दिल्ली में नीति आयोग और सीआईआई द्वारा आयोजित ‘रोज़गार एवं आजीविका सृजन-महत्वपूर्ण वृद्धि उत्प्रेरक’ संबंधी राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं की क्षमता का भरपूर उपयोग करने के लिये उचित अवसरों का सृजन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के उपयोगी रोज़गार के लिये अच्छी शिक्षा, औद्योगिक आवश्यकताओं के मद्देनजर प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा तंत्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर श्रम बाजार बहुत जरूरी है।

श्री नायडू ने कहा कि लोगों को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से अधिकार संपन्न बनाने के लिये शिक्षा सर्वोत्तम उपाय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा पहला महत्वपूर्ण वृद्धि उत्प्रेरक होती है, जो बेहतर आजीविका अवसरों, ज्ञानार्जन, कौशल विकास तथा मूल्य संवर्धन की अनिवार्य शर्त है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि बेरोज़गारी और अर्द्ध-बेरोज़गारी हमारे लिये बहुत बड़ी चुनौती है। इस ओर प्रत्येक नागरिक को ध्यान देना चाहिये। उन्होंने उद्योगों से कहा कि वे युवाओं को प्रशिक्षित करने तथा रोज़गार सृजन के लिये आगे आयें। उन्होंने कहा कि समृद्ध मानव पूंजी के निर्माण, निजी निवेशकों को प्रोत्साहन, अधिक वृद्धि क्षमता वाले क्षेत्रों पर ध्यान देना, विश्व भू-राजनीति के भावी रुझानों को समझाना और उभरने वाले अवसरों का लाभ उठाने के लिये उचित तैयारी करना बहुत आवश्यक है।