Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh

पंचायत सचिवों का सम्मेलन
पंचायत सचिवों के सहयोग से ग्रामीण मध्यप्रदेश की तस्वीर बदलेगी सरकार - मुख्यमंत्री

भोपाल, पंचायत सचिव राज्य सरकार के महत्वपूर्ण अंग हैं। पंचायत सचिवों के सहयोग से सरकार ग्रामीण मध्यप्रदेश की तस्वीर बदलेगी। गाँवों में भी वे सभी सुविधायें होंगी, जो शहरों में उपलब्ध हैं। एक अप्रैल 2018 से पंचायत सचिवों को भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता होगी। महिला पंचायत सचिव को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश और पुरुष पंचायत सचिव को 15 दिनों का पितृत्व अवकाश दिया जायेगा, साथ ही इन्हें 15 दिन का चिकित्सीय अवकाश भी मिलेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में पंचायत सचिवों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में मध्यप्रदेश का देश में अच्छा प्रदर्शन सचिवों की मेहनत के कारण है। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले सड़कें, पेयजल व्यवस्था, आवासीय सुविधाएँ और गाँवों की आंतरिक सड़कों की स्थिति खराब थी। आज ग्रामीण मध्यप्रदेश विकास का नया दौर देख रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार बनी थी, तब पंचायत सचिवों को पांच सौ रुपये मिलते थे। वर्ष 2008 में एक हजार दो सौ रुपये बढ़ाये गये और वर्ष 2008 में पंचायत सचिवों को नियमित वेतनमान देना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा पंचायत सचिवों का साथ दिया है। सरकार गरीबों के कल्याण का काम कर रही है। गरीबों को आवास देने के लिये उन्हें जमीन का मालिक बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है।

  • पंचायत सचिवों को नियुक्ति दिनांक से ही 10 हजार रुपये वेतन दिया जायेगा।
  • इसके दो साल बाद पंचायत सचिवों को 5200-20200-1900 ग्रेड पे दिया जायेगा।
  • दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद पंचायत सचिवों को 5200-20200-2400 ग्रेड-पे दिया जायेगा।