Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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नगरीय निकायों में पेयजल संकट से निपटने के लिये कार्य योजना तैयार
 

भोपाल, प्रदेश में नागरिकों को पेयजल की आपूर्ति कराना राज्य शासन की प्राथमिकता है। ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से निपटने के लिये प्रदेश के सभी 378 निकायों के लिये 122 करोड़ रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है। यह बात नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने भोपाल में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कही।

  • पेयजल आपूर्ति के लिये नगर निगमों को 66 करोड़ 60 लाख रुपये दिये जायेंगे।
  • नगर पालिकाओं को 32 करोड़ दो लाख रुपये दिये जायेंगे।
  • नगर परिषदों को 23 करोड़ 40 लाख रुपये दिये जायेंगे।

श्रीमती माया सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों से प्रदेश में मानसून की कमजोर आवक के कारण पेयजल स्रोत के सूखने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। इसके लिए संचालनालय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की नियमित समीक्षा की जाये। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों द्वारा पूर्व में भेजे गये प्रस्तावों के आधार पर 122 करोड़ रुपये का प्रस्ताव आयुक्त सूखा राहत को भेजा गया है। पेयजल आपूर्ति के लिये भारत सरकार से धन राशि आवंटन हेतु अनुरोध किया जा रहा है।

नगरीय विकास मंत्री ने कहा कि सभी निकाय अपने स्तर पर माइक्रो लेवल प्लान तैयार रखें। जिन स्थानों पर नवीन हैण्ड-पम्प, बोरिंग अथवा टैंकर द्वारा पानी की आपूर्ति की जानी है, उन स्थानों पर वार्ड और मोहल्ले अभी से चिन्हित किये जाएँ।

श्रीमती माया सिंह ने पानी के अपव्यय के प्रति आमजन को जागरूक बनाने के लिए नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन जागरुकता के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि सभी कार्यक्रमों में जल संरक्षण और पानी के महत्व तथा अपव्यय को रोकने के लिए चर्चा अवश्य करें।