Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
social media accounts

मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये बनेगा मुख्यमंत्री महिला कोष

भोपाल, महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में महिलाओं के लिये मुख्यमंत्री महिला कोष की स्थापना की जायेगी। इस कोष का उपयोग महिला सशक्तिकरण गतिविधियों में किया जायेगा। उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति में महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित ‘महिला सम्मेलन’ को संबोधित करते हुये कही।

श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश की आँगनवाड़ियों में वितरित होने वाले टेक होम राशन के निर्माण और प्रदाय का कार्य महिलाओं के स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन के जरिये किया जायेगा। शासकीय विद्यालयों में वितरित की जाने वाली यूनिफार्म को सिलने का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को दिया जायेगा। योग्य महिला स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन्स को ऋण की गारंटी सरकार द्वारा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की गरिमा को मलिन करने वालों को फाँसी की सजा होगी। इसके लिये कानून बनाकर राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिये भेजा गया है। उन्होंने कहा कि समाज को भी बेटियों की सुरक्षा के लिये खड़ा होना होगा। मानसिकता बदलनी होगी। बेटों में भी संस्कार देने की पहल करना होगी कि वे बहनों और बेटियों का सम्मान करें।

श्री चौहान ने कहा कि समाज और विश्व को आगे बढ़ाने के लिये मातृ शक्ति को आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर देने होंगे। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे आगे बढ़ें और मध्यप्रदेश को भी आगे बढ़ायें।