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वियतनाम के राष्ट्रपति की भारत यात्रा
भारत और वियतनाम के बीच हुये तीन समझौते
 

वियतनाम के राष्ट्रपति श्री त्रान दाई क्वांग अपनी पत्नी के साथ 2 मार्च को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आए। राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में उनका स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधि मण्डल स्तर की द्विपक्षीय बैठक भी सम्पन्न हुई। इस बैठक में दोनों देशों के मध्य आर्थिक, व्यापारिक, समुद्री रक्षा, अक्षय ऊर्जा, कृषि में तकनीकी सहयोग को लेकर कुल तीन समझौते हुये।
दक्षिण चीन सागर पर चीन के बढ़ते प्रभुत्व पर दोनों नेताओं ने हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शांति तथा समृद्धि प्राप्त करने की आवश्यकता पर सहमति जतायी। साथ ही उन्होंने कहा कि हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में संप्रभुता, अंतर्राष्ट्रीय कानून, परिवहन की स्वतंत्रता, सतत् विकास, खुला व्यापार तथा निवेश प्रणाली का सम्मान किया जाना चाहिए।

इस यात्रा के दौरान, त्रान ने कहा कि भारत ने सामाजिक, आर्थिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों के जरिये लोगों का जीवन स्तर सुधारने की दिशा में बेहतर काम किया है। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रभावी भूमिका को अपनी ओर से पूरा समर्थन देने की बात भी कही। भारत ने भी दक्षिण पूर्व एशिया को जोड़ने वाले राजमार्ग भारत - म्यांमार - थाईलैंड को कम्बोडिया और लाओ पीडीआर के रास्ते वियतनाम तक पहुँचाने पर सहमति दी। इसके अलावा भारत ने वियतनाम की  रक्षा क्षमता के विकास में मदद करने की प्रतिबद्धता जतायी है।
वियतनाम की समुद्री सीमाओं को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लियँ दोनों देश तेज गति वाली गश्ती नौकाओं के निर्माण के लिये 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण देने तथा रक्षा उद्योग के 500 मिलियन डॉलर का ऋण देने की प्रक्रिया तेज करने पर सहमत हुये। इसके साथ ही दोनों समुद्री डाकुओं से जलमार्गों की सुरक्षा और नौवहन क्षेत्र में सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी सहमत हुये।

भारत और वियतनात के मध्य हुये समझोते
1.  आर्थिक एवं व्यापार सहयोग पर एमओयू हुआ।
    इस समझौते का उद्देश्य आर्थिक एवं व्यापार संवर्द्धन को बढ़ावा देने के लिये एक संरचना स्थापित करना है।
2.  भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं वियतनाम के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के बीच वर्ष 2018-2022 के लिये कार्य योजना तैयार हुई।
    इस कार्य योजना का उद्देश्य कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में सहयोग एवं तकनीकी विशेषज्ञों की यात्राओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
3.  वैश्विक परमाणु ऊर्जा साझीदारी केंद्र (जीसीएनईपी) एवं वियतनाम ऑटोमिक एनर्जी इंस्टीट्यूट के बीच सहयोग पर एमओयू हुआ।
          इस समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिये परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ बनाना है।
  इस यात्रा पर आये त्रान क्वांग ने बौद्ध ज्ञान स्थली बोधगया का भ्रमण किया। 
  उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित वियतनाम-भारत बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया और भारत के कई प्रमुख उद्योगपतियों से वार्ता की।
     त्रान क्वांग ने भारत द्वारा लंबे समय से दिये जा रहे अनुदानों और ऋणों को सराहनीय बताया।
शिष्टमंडल वार्ता की  अन्य प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति श्री त्रान क्वांग के मध्य हुई शिष्टमण्डल की वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
दोनों नेता 2017-20 की अवधि में वृहत रणनीतिक साझेदारी की कार्य योजना को लागू करने तथा सहयोग के क्षेत्रों की समीक्षा के लिये वर्ष 2018 में विदेश मंत्रियों के नेतृत्व में अगली संयुक्त बैठक के प्रस्ताव पर सहमत हुये।