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‘फाइव टी’ के जरिये भारत और नेपाल कर सकते हैं विकास - प्रधानमंत्री
जनकपुर से अयोध्या के बीच सीधी बस सेवा हुई शुरू

जनकपुर, संस्कृति के अलावा भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक रिश्ते भी अहम कड़ी हैं। भारत और नेपाल ‘फाइव टी, यानि ट्रेडिशन, ट्रेड, टूरिज़्म, टेक्नोलॉजी और ट्रांसपोर्ट के जरिये विकास के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं। भारत और नेपाल कृषि के क्षेत्र में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में सहयोग बढ़ायेंगे। यह बात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी नेपाल यात्रा के दौरान जनकपुर में नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुये कही। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री श्री के.पी. शर्मा ओली ने जनकपुर से अयोध्या के बीच बस सेवा का उद्घाटन भी किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब-जब एक-दूसरे पर संकट आया है, भारत और नेपाल दोनों मिलकर खड़े हुये हैं। हमने हर मुश्किल घड़ी में एक-दूसरे का साथ दिया है। भारत दशकों से नेपाल का एक स्थायी विकास का साझेदार है। भारत अंतरिक्ष विज्ञान में विश्व के पांच शीर्ष देशों में शामिल है। इसरो द्वारा पिछले वर्ष भेजे गये ‘साउथ एशिया सैटेलाइट’ से नेपाल को भी फायदा मिल रहा है।

जनकपुर-अयोध्या बस सेवा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है। यह बस सेवा भगवान राम के जन्मस्थल अयोध्या और देवी सीता के जन्मस्थल जनकपुर को आपस में जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने रामायण सर्किट परियोजना के तहत विकास के लिये 15 जगहों-अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट (उत्तरप्रदेश), सीतामढ़ी, बक्सर, दरभंगा, चित्रकूट (मध्यप्रदेश), महेंद्रगिरी, जगदलपुर, नासिक, नागपुर, भद्राचलम, हंपी और रामेश्वरम का चयन किया गया है। श्री मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल को रेल संपर्क से जोड़ने के लिये रेलवे लाइनें बिछाई जा रही हैं। साथ ही भारत नेपाल को जलमार्ग से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

इससे नेपाल, भारत के जलमार्गों के जरिये समुद्र से जुड़ जायेगा। इन जल मार्गों से नेपाल का बना सामान दुनिया के अन्य देशों तक आसानी से पहुंच जायेगा, इसके चलते नेपाल में उद्योग लगेंगे और रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।

  • भारत ने नेपाल में बिजली आपूर्ति के लिये बिछाई नई ट्रांसमिशन लाइनें।
  • भारत और नेपाल के बीच मोतीहारी-अमलेख गंज ऑयल पाइप लाइन का काम हुआ शुरू।