Department of Public Relation:Government of Madhya Pradesh
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मंत्रिपरिषद् के निर्णय
स्मार्ट सिटी परियोजना के लिये एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने के करें प्रयास

भोपाल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में सम्पन्न हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन परियोजना को निरंतर रखने का अनुमोदन दिया गया। बैठक में इस परियोजना के लिये 1 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। योजना में भारत सरकार द्वारा पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये प्रति शहर प्रतिवर्ष के मान से 500 करोड़ रुपये की राशि प्रत्येक स्मार्ट सिटी को अनुदान के रूप में दी जायेगी और इतनी ही राशि राज्य सरकार द्वारा दी जायेगी। इसके साथ ही बैठक में शासकीय सेवकों, पेंशनरों, स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक संवर्ग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत सचिवों को देय महंगाई भत्ता की दर में एक जनवरी 2018 से सातवें वेतनमान में 2 प्रतिशत और छठवें वेतनमान में 3 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रिपरिषद् द्वारा लिये गये अन्य निर्णय इस प्रकार हैं-

मंत्रिपरिषद् ने मध्यप्रदेश सिविल पदों पर संविदा नियुक्ति नियम 2017 में प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से संशोधन करने का निर्णय लिया है। इसमें नियम 4 (4) स्थापित किया गया, इसके द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से विभागीय सेटअप में नियमित स्थापना में स्वीकृत ऐसे पद/पदोन्नति से भरे जाने वाले ऐसे पद जिनकी पूर्ति में अपरिहार्य कारणों से एक वर्ष से अधिक अवधि लगना संभावित हो, के लिये संविदा नियुक्ति बाबत प्रावधान किये गये हैं।

संविदा नियुक्ति के मामलों में छानबीन समिति का प्रावधान किया गया है। समिति की सिफारिश पर प्रकरण मंत्रिपरिषद् के आदेशार्थ प्रस्तुत करने के प्रावधान किये गये हैं। सार्वजनिक उपक्रम/निगम/मंडल/आयोग/विश्व-विद्यालय में भी संविदा नियुक्ति के लिए प्रावधान किये गये हैं।

मंत्रिपरिषद् ने मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिये आरक्षण) नियम 1998 के नियम 4-ख में संशोधन कर जिला छिंदवाड़ा एवं सिवनी के भारिया जनजाति के ऐसे आवेदक, जो संविदा शाला शिक्षक या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिये आवेदन करता है और उस पद के लिये विहित की गई न्यूनतम अर्हता रखता है, तो उसे भर्ती प्रक्रिया अपनाये बिना उक्त पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। पहले यह प्रावधान केवल छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड के लिये था।

मंत्रिपरिषद् ने धार जिले की रिंगनोद लघु सिंचाई परियोजना की 425 हेक्टेयर रबी सिंचाई के लिये 25 करोड़ 58 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी।

मंत्रिपरिषद् ने राजगढ़ जिले की पार्वती परियोजना के कुल सिंचित क्षेत्र 48 हजार हेक्टेयर के लिये 1 हजार 815 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी। परियोजना से राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ तथा ब्यावरा एवं भोपाल जिले के बैरसिया विकासखंड के 132 ग्राम लाभांवित होंगे।

मंत्रिपरिषद् ने लोअर और वृहद सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन के अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।

मंत्रिपरिषद् ने बरखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।

मंत्रिपरिषद् ने कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति, 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये 49 करोड़ 55 लाख रुपये का प्रावधान है।

डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक, जिनकी भू-अर्जन अधिनियम, 2013 के तहत सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से कम है, को विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 46 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि व्यय की जायेगी।

मंत्रिपरिषद् ने छीताखुदरी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम, 2013 एवं पुनर्वास नीति, 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया।

परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये  91 करोड़ 29 लाख रुपये का प्रावधान है। डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक जिन्हें भू-अर्जन अधिनियम 2013 में सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से कम है, को विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 79 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि व्यय की जायेगी।

मंत्रिपरिषद् ने चिकित्सा महाविद्यालय, रतलाम के भवन एवं परिसर निर्माण की स्वीकृत राशि 259 करोड़ 65 लाख रुपये को बढ़ाते हुये 295 करोड़ 65 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी।

मंत्रिपरिषद् ने चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल के भवन एवं परिसर निर्माण की स्वीकृत राशि 224 करोड़ 31 लाख रुपये को बढ़ाते हुये 303 करोड़ 27 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी।

मंत्रिपरिषद् ने जबलपुर में टी.बी. चेस्ट उपचार यूनिट का उन्नयन कर इसे राष्ट्रीय स्तर का उच्च स्तरीय केंद्र बनाने की परियोजना की 538 लाख 43 हजार रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति बढ़ाकर 24 करोड़ 75 लाख 66 हजार रुपये की स्वीकृति दी।

उन्नयन के लिये 108 पदों का सृजन करने की प्रशासकीय स्वीकृति भी दी गई।

मंत्रिपरिषद् ने रीवा स्थित मानसिक आरोग्यशाला में भारत शासन के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत फैकल्टी सपोर्ट योजना में 5 नियमित पदों की संरचना करने का निर्णय लिया। योजना अन्तर्गत पदों के लिये प्रथम 4 वर्षों के बाद इन पदों पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा वहन करने का अनुमोदन किया गया।

मंत्रिपरिषद् ने शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय शुरू करने के दृष्टिकोण से अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभांवित करने के उद्देश्य के साथ उच्च शिक्षा विभाग की योजना ‘नवीन संकाय खोलने हेतु अनुदान’ को निरंतर रखते हुए आगामी तीन वर्ष के लिये 8 करोड़ 19 लाख 44 हजार रुपये की सैद्धांतिक स्वीकति दी।