| اردو خبریں | संस्कृत समाचारः मुख्य पृष्ठ | हिन्दी | English | संपर्क करें | साइट मेप
You Tube
पिछला पृष्ठ

View in EnglishDownload Kruti News Download Chanakya News

आदि शंकराचार्य प्रकटोत्सव पर एक मई को पूरे प्रदेश में होंगे कार्यक्रम संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित

भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, ओंकारेश्वर, उज्जैन, सागर, तथा रीवा में होंगे मुख्य कार्यक्रम

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 26, 2017, 21:58 IST
 

संपूर्ण प्रदेश में सांस्कृतिक एकता के लिए एक मई को अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक सनातन धर्म के पुनरूद्धारक और सांस्कृतिक एकता के देवदूत आदि शंकराचार्य जी का प्रकटोत्सव मनाया जायेगा। इस दिन उनके पावन स्मरण के साथ-साथ आदि शंकराचार्य के दर्शन और सांस्कृतिक एकता पर संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा सांस्कृतिक एकता दौड़ जैसे कार्यक्रम होंगे। केन्द्रीय कार्यक्रम भोपाल में होगा। जबलपुर, रीवा, सागर, ग्वालियर, उज्जैन, इंदौर व ओंकारेश्वर में भी संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

सभी जिलों में भी आदि शंकराचार्य के जीवन और कार्यों पर केंद्रित संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिला मुख्यालयों पर एक मई को प्रात: सांस्कृतिक एकता के लिये दौड़ होंगी। प्रदेश के विकासखण्ड मुख्यालयों और ग्राम पंचायत स्तर पर भी आदि शंकराचार्य स्मरण प्रसंग होगा। प्रकटोत्सव की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को सौंपी गई है। आयोजनों में स्थानीय स्तर पर सक्रिय सामाजिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक संगठनों, संत समाज, रोटरी और लायंस जैसी संस्थाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जायेगी।

भोपाल में होगा मुख्य कार्यक्रम

एक मई, 2017 (वैशाख शुक्ल पंचमी षष्ठी विक्रम संवत् 2074) को भोपाल में केन्द्रीय कार्यक्रम विधानसभा भवन के मानसरोवर सभागार में होगा। शुभारंभ प्रात: 11 बजे कांची कामकोटि पीठ के जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी के मुख्य आतिथ्य में होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कार्यक्रम के अध्यक्ष होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री रामलाल, राष्ट्रीय महासचिव श्री राम माधव तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्रबुद्धे विशिष्ट अतिथि होंगे। विमर्श में आदि शंकराचार्य के दर्शन और सांस्कृतिक एकता पर व्याख्यान का विषय प्रवर्तन मुख्यमंत्री श्री चौहान करेंगे। जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती, अखण्ड परमधाम, हरिद्वार के प्रमुख - स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज, धर्मश्री गीता परिवार पुणे के प्रमुख - स्वामी गोविन्द देव गिरिजी, चिन्मय तपोवन सिद्धबाड़ी के प्रमुख- स्वामी सुबोधानंद जी तथा टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के स्तंभकार श्री विट्ठल सी. नाडकर्णी सारस्वत उदबोधन देंगे। सांस्कृतिक संध्या में सायं 7 बजे से भुवनेश्वर की सुश्री सुजाता महापात्र- आदि शंकराचार्य की रचनाओं पर ओडिसी नृत्य तथा पं. राजन-साजन मिश्र, दिल्ली द्वारा आदि शंकराचार्य की रचनाओं पर गायन की प्रस्तुति दी जायेगी।

ग्वालियर

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर स्थित आईआईटीएम सभागृह में एक मई को सायं 5 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक इंदौर के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख श्री पराग अभ्यंकर आदि शंकराचार्य के दर्शन और सांस्कृतिक एकता पर सारस्वत संबोधन देंगे। सायं 7 बजे से सुश्री सुधा रघुरामन नई दिल्ली द्वारा गायन तथा सुश्री जयाप्रभा मेनन दिल्ली द्वारा मोहिनी अट्टम समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

जबलपुर

जबलपुर में शाम 5 बजे से सेठ गोविन्ददास सभागार शहीद स्मारक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भोपाल के क्षेत्र प्रचारक श्री अरूण जैन तथा अभिनेता व निर्देशक श्री चंद्रप्रकाश द्विवेदी आदि शंकराचार्य के दर्शन और सांस्कृतिक एकता पर सारस्वत उदबोधन देंगे। सायं 7 बजे से सभागार में कोलकाता की सुश्री संचिता भट्टाचार्य ओडिसी समूह नृत्य तथा मुंबई की डॉ. सोमा घोष गायन प्रस्तुत करेंगी।

इंदौर

इंदौर के रविन्द्र नाटयगृह में सायं 5 से 7 बजे तक आयोजित व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली के प्रांत-सह-संघ चालक श्री आलोक कुमार तथा आर्ष विद्या आरण्यम, नडियाड के प्रमुख स्वामी मुदितवदनानंद सरस्वती जी सारस्वत उदबोधन देंगे। सांय 7 बजे से डॉ. संजय द्विवेदी भोपाल के - ध्रुवा बैण्ड, पुणे की सुश्री सावनी शेण्डे द्वारा गायन तथा चेन्नई की सुश्री गोपिका वर्मा द्वारा मोहिनीअट्टम समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। इसी क्रम में ओंकारेश्वर के भक्त निवास में सायं 5 बजे बैंगलूरु के स्वामी परमानंद भारती जी उदबोधन देंगे। सायं 8 बजे से अभय घाट, ओंकारेश्वर पर लखनऊ के श्री अग्निहोत्री बंधु द्वारा गायन तथा भुवनेश्वर के पण्डित दुर्गाचरण रणबीर द्वारा ओडिसी नृत्य समूह की प्रस्तुति दी जायेगी।

उज्जैन

उज्जैन में पंडित सूर्यनारायण व्यास कला संकुल में सायं 5 बजे हिन्दू धर्म आचार्य सभा आर्ष विद्या मंदिर राजकोट के संयोजक स्वामी परमात्मा नंद सरस्वती जी उदबोधन देंगे। सायं 7 बजे से बैंगलुरु के श्री परमेश्वर हेगड़े द्वारा गायन तथा मुंबई की डॉ. संध्या पुरेचा द्वारा भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

सागर

सागर के रविन्द्र भवन में सायं 5 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिलासपुर के अखिल भारतीय सह-सेवा प्रमुख श्री राजकुमार जी मटाले तथा आर्ष विद्या भारती इंदौर के प्रमुख - स्वामी ऐश्वर्यानंद सरस्वती जी व्याख्यान देंगे। सायं 7 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुरी के श्री सीबा रथ द्वारा गायन और हैदराबाद के श्री संजय जोशी के विलासिनी नाट्यम समूह द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी।

रीवा

आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव पर रीवा के एस.एस. मेडिकल कॉलेज सभागार में एक मई को शाम 5 बजे से जबलपुर के स्वामी अखिलेश्वरानंद द्वारा आदि शंकराचार्य के दर्शन और सांस्कृतिक एकता पर व्याख्यान दिया जायेगा। सायं 7 बजे से वाराणसी के श्री विजय कपूर द्वारा गायन और मुम्बई के श्री वैभव आरेकर द्वारा भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी।

 
विभागीय समाचार

नवीनतम समाचार 

"प्राकट्य पंचमी सांस्कृतिक एकता स्वरूप एक मई को मनेगी
श्री रमेशचन्द्र अग्रवाल के निधन से पत्रकारिता के क्षेत्र की अपूरणीय क्षति
महाकवि केशव स्मृति समारोह "ओरछा महोत्सव 5-7 अप्रैल को
ईसा पूर्व 600 से छठी शताब्दी ईस्वी तक के "सिक्कों की कहानी पर केन्द्रित प्रदर्शनी शुरू
अंतर्राष्ट्रीय साहित्य-संवाद 28-29 मार्च को भोपाल में
आनन्दित रहने के लिये दूसरों के साथ करूणा और प्रेम का भाव रखना जरूरी
"जल-वन-नर्मदा-भोपाल जागरूकता अभियान 19 से 22 मार्च
राज्य मंत्री श्री पटवा ने लगाए फलदार पौधे
मराठी कवि-सम्मेलन रवीन्द्र भवन में 11 मार्च को
आत्म-निर्भर गाँव का निर्माण जनसहभागिता से ही संभव
संस्कृति, पर्यटन एवं पुरातत्व के क्षेत्र में प्रदेश की देश में अलग पहचान
गो हेरिटेज रन- खजुराहों में 26 फरवरी को
राष्ट्रीय सिंधी कवि सम्मेलन 26 फरवरी को दतिया में
भगवन्ती नावाणी स्मृति समारोह 24 फरवरी को सागर में
पुरातत्वीय सामग्री की सुरक्षा में स्थानीय इतिहासकारों का सक्रिय सहयोग लें
लोकसेवा आयोग से चयनित अधिकारियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया
सार्क देशों की संसद के अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने किया मांडव भ्रमण
खजुराहो नृत्य समारोह का कथक नृत्य से हुआ शुभारंभ
सिन्धी नाट्य समारोह 19 फरवरी को उज्जैन में
पुरातत्व संघ प्रतिनिधि की कार्यशाला 20 फरवरी को