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एक लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र बढ़ने से मत्स्योत्पादन में हुई कई गुना वृद्धि

भोपाल : मंगलवार, नवम्बर 28, 2017, 19:13 IST
 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पिछले 12 सालों में किये गए प्रयासों से प्रदेश में लगभग एक लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र की वृद्धि हुई है। प्रदेश में वर्ष 2003-04 में 3.02 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर 4.05 लाख हेक्टेयर हो गया। इसमें से 98 प्रतिशत जल क्षेत्र में मछली-पालन हो रहा है। इससे कृषकों की अतिरिक्त आय में वृद्धि हुई है।

मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जल क्षेत्र वृद्धि से मत्स्य उत्पादन में 172.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2003-04 में मत्स्योत्पादन 50818.30 मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2016-17 में बढ़कर एक लाख 38 हजार 693 मीट्रिक टन से अधिक हो गया।

श्री आर्य ने बताया कि मत्स्य बीज उत्पादन में भी 189.10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले 12 वर्षों में यह भी 3844.13 लाख स्टेण्डर्ड फ्राई मत्स्य बीज से बढ़कर 11113.26 लाख हो गया है। स्टेण्डर्ड फ्राई बीज का संचयन भी 152 प्रतिशत बढ़ा है, जो 4202.72 लाख से अब 10627.07 लाख हो गया है।

मत्स्य उत्पादन बढ़ने से विभागीय आय में भी 276 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। पट्टाधारक मछुआ सहकारी समितियों को मछली-पालन के लिये नाव, जाल, बीज, लीज राशि की अंश पूँजी के लिये 10 साल में प्रति 100 हेक्टेयर जल क्षेत्र पर डेढ़ लाख रुपये अनुदान दिया जाता है। इस अनुदान में भी 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मत्स्य-पालकों के फिशरमेन क्रेडिट-कार्ड बनाने की भी शुरूआत की गई है।

मछुआ दुर्घटना बीमा में वर्ष 2003-04 में 57 हजार 130 मछुआरों का बीमा कराया गया था, जबकि वर्ष 2016-17 में एक लाख 84 हजार 933 मछुआरों का बीमा कराया गया, जो 223 प्रतिशत से अधिक है। श्री आर्य ने कहा कि मत्स्य-पालकों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही कृषकों की आय दोगुना करने के लिए शासन द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएँ आरंभ कर उनका लाभ लेने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 
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