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एक दशक में 33/11 के.व्ही. उप-केन्द्रों की संख्या दोगुना से अधिक

उत्तरप्रदेश के ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक

भोपाल : शुक्रवार, दिसम्बर 8, 2017, 20:00 IST
 

मध्यप्रदेश में अटल ज्योति योजना में 24 घंटे और कृषि क्षेत्र में 10 घंटे विद्युत प्रदाय सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए जहाँ एक ओर विद्युत उपलब्धता को 2003 के बाद से राज्य में सिलसिलेवार ढंग से बढ़ाने के प्रयास किये गए हैं, वहीं 400 के.व्ही., 220 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. उप-केन्द्रों की संख्या बढ़ाई गई और ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता में वृद्धि की गई। यह जानकारी आज प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी ने उत्तरप्रदेश से आये ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में दी। बैठक में उत्तरप्रदेश के प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आलोक कुमार, उत्तरप्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन की प्रबंध संचालक श्रीमती अपर्णा यू., निदेशक (पर्सनल एण्ड एडमिन) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम श्री एस.सी. झा, निदेशक (वाणिज्य) श्री संजय सिंह, कंसल्टेंट श्री अरुण कंचन उपस्थित थे।

श्री आई.सी.पी. केशरी ने बताया कि मध्यप्रदेश में उप-पारेषण एवं वितरण प्रणाली को मजबूती प्रदान करने के लिए पिछले एक दशक में 33/11 के.व्ही. उप-केन्द्रों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। इसका परिणाम है कि मध्यप्रदेश सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध करा पा रहा है और कृषि क्षेत्र को 10 घंटे बिजली मिल रही है।

श्री केशरी ने बताया कि मध्यप्रदेश में जहाँ वर्ष 2003 में कृषि क्षेत्र में खपत 33 प्रतिशत थी, वह अब बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है और कृषि पम्पों की संख्या बढ़कर 28 लाख से भी अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर को आधुनिक बनाया गया है ओर रियल टाइम डाटा प्राप्त करने के लिए आधुनिकतम आईटी बेस्ड प्रणाली लाई गई है। प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री स्थाई कृषि पम्प योजना में अस्थाई कृषि पम्प को स्थाई कृषि पम्प कनेक्शन में बदला जा रहा है। रेवेन्यु मैनेजमेंट के लिए राज्य के कुछ संभागों/वितरण केन्द्रों में मैनेजमेंट ऑपरेटर नियुक्त किये गए हैं।

एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री संजय कुमार शुक्ल ने मैनेजमेंट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल ने कम्पनी द्वारा अपनाई जा रही सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उपभोक्ता उन्मुखीकरण की जानकारी दी।

श्री आलोक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बनारस सहित करीब आधा दर्जन शहरों में अंडर ग्राउंड केबलिंग का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 40 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के परिसर में कॉलबेल लोकेशन पर लगाए जाएंगे, इससे जहाँ एक ओर राजस्व नुकसान में कमी आएगी वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग संबंधी शिकायतें दूर हो सकेंगी। उन्होंन प्री-पेड मीटर को ग्रामीण क्षेत्र की आवश्यकता बताया और कहा कि जल्दी ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्री-पेड मीटर लगाये जाएंगे। श्री आलोक कुमार ने बताया कि बिजली चोरी की रोकथाम के लिए 88 फ्लाइंग स्क्वाड बनाये गये है। उत्तर प्रदेश में बिलिंग दक्षता और संग्रहण दक्षता को बढ़ाने तथा 24 घंटे बिजली देने की दिशा में कारगर कदम उठाये जा रहे हैं। इसी दिशा में दल मध्यप्रदेश में अध्ययन करने आया है।

 
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