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राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना से प्रदेश की 58 मण्डियाँ जुड़ीं

किसान को अपनी उपज बेचने का दाम उसी दिन मिल रहा है 

भोपाल : बुधवार, जनवरी 24, 2018, 13:19 IST
 

प्रदेश के किसानों को अपनी उपज की कीमत सही मिल सके, इसके लिये प्रदेश की 58 कृषि उपज मण्डियों को 'ई-नाम'' ट्रेडिंग पोर्टल से जोड़ा गया है। किसान इस व्यवस्था के माध्यम से अपनी कृषि उपज का विक्रय कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में एक ओर जहाँ बोली लगाने वाले व्यापारी की जानकारी गोपनीय होती है, वहीं दूसरी ओर किसान को भी व्यापारियों के मध्य हो रही प्रतिस्पर्धा का लाभ मिलता है। इसमें एक और फायदा यह है कि मण्डी क्षेत्र के बाहर अथवा अन्य मण्डी क्षेत्र का व्यापारी सीधे जिन्स की बोली ई-नाम के पोर्टल पर लगा सकता है। इससे किसानों को स्थानीय बाजार के अलावा बाहर के बाजारों का भी लाभ प्राप्त होता है।

राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) एक पैन इण्डिया इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जो कृषि से संबंधित उपजों के लिये एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण करने के लिये मौजूदा कृषि उपज मण्डी समिति का एक अच्छा माध्यम है। ई-नाम पोर्टल सभी कृषि उपज मण्डी समितियों से संबंधित सूचना और सेवाओं के लिये एकल प्रणाली (सिंगल विण्डो) सेवा प्रदान में सक्षम है। इस योजना में अन्य सेवाओं के साथ-साथ मण्डी प्रांगण में कृषि उपज के आगमन और कीमतों, व्यापार प्रस्तावों को खरीदने और बेचने, व्यापार प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया के प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।

ई-नाम पोर्टल की शुरूआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रैल-2016 में की थी। मध्यप्रदेश में पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा कृषि उपज मण्डी समिति करौंद, भोपाल में पायलेट योजना से इसकी शुरूआत की गई थी। राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़कर कोई भी कृषि उपज मण्डी राष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क में भाग ले सकती हैं। किसान जब स्थानीय स्तर पर अपने उत्पाद बेचने के लिये मण्डी में लाते हैं तो स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ इंटरनेट के माध्यम से देश के अन्य राज्यों में स्थित व्यापारियों को भी अपना माल बेचने का विकल्प उनके पास रहता है। इस व्यवस्था में किसान अपनी उपज को वहीं बेचने के लिये स्वतंत्र होते हैं, जहाँ उन्हें अच्छे दाम मिलते हैं।

प्रदेश में ई-नाम के पोर्टल को तौल-काँटों से भी जोड़े जाने का कार्य किया जा रहा है। इस पोर्टल की एक खास बात यह भी है कि किसान को उनके द्वारा बेची गई कृषि उपज का भुगतान उसी दिन बैंक खाते में मिल जाता है। भोपाल संभाग की 15 कृषि मण्डियों, इंदौर संभाग 9 कृषि मण्डियों, उज्जैन संभाग 12, ग्वालियर संभाग 6, सागर संभाग 5, जबलपुर संभाग की 9 और रीवा संभाग 2 कृषि उपज मण्डियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ दिया गया है।


मुकेश मोदी