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मंत्रीगण के अलावा सांसद, विधायक, मेयर भी नहीं बन सकेंगे काउंटिंग एजेन्ट

 

भोपाल : रविवार, मई 4, 2014, 17:23 IST
 

भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि केन्द्र अथवा राज्य के मंत्रीगण के अलावा सांसद, विधायक, नगर निगम के महापौर, नगर पालिका/जिला परिषद/पंचायत/यूनियन आदि के अध्यक्षों को मतगणना अभिकर्ता (काउंटिंग एजेन्ट) नियुक्त नहीं किया जा सकेगा। चाहे उनको सुरक्षा कवच मिला हो अथवा न मिला हो। आयोग का उद्देश्य सबको समान अवसर प्रदान कर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न करवाना तथा चुनाव को अनुचित प्रभाव से बचाना है। आयोग ने यह निर्देश पुडुचेरी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा चाहे गये स्पष्टीकरण के संबंध में दिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था कि क्या किसी विधायक या राज्य सभा सांसद को सुरक्षा कवच के बिना चुनाव अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता अथवा मतगणना अभिकर्ता नियुक्त किया जा सकता है।

आयोग के पूर्व के निर्णय के अनुसार केन्द्र या राज्य के मंत्रियों समेत ऐसे सभी सांसद, विधायक या अन्य व्यक्ति जिन्हें राज्य या केन्द्र सरकारों द्वारा हथियारबन्द सुरक्षा कवच मुहैया करवाया गया है, वे सुरक्षा कवच के कारण मतगणना अभिकर्ता नियुक्त नहीं हो सकेंगे। चुनाव में कोई भी हथियारबन्द सुरक्षा हासिल व्यक्ति किसी भी उम्मीदवार का किसी भी रूप में एजेन्ट नहीं बन सकेगा, क्योंकि उनको लेकर कोई भी अवांछित घटना चुनाव प्रक्रिया को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधियों को इसलिए भी अभिकर्ता नियुक्त नहीं किया जा सकता क्योंकि सभी उम्मीदवारों को निर्वाचन में बराबर के अवसर प्रदान किये जाने हैं। बाद के निर्देशों में आयोग ने नगर निगम के मेयर, नगर पालिका, जिला परिषद, पंचायत, यूनियन आदि के अध्यक्षों को एजेन्ट नियुक्त नहीं किये जाने के निर्देश दिये थे। इसके पीछे यह कारण था कि उनसे संबंधित संस्थाओं के कर्मचारी बड़ी संख्या में चुनाव ड्यूटी पर तैनात होते हैं, जो प्रभावित हो सकते हैं।


प्रलय श्रीवास्तव