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मध्यप्रदेश के 51 जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्वक हुई मतगणना

 

भोपाल : शुक्रवार, मई 16, 2014, 19:44 IST
 

मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीट के लिये सभी 51 जिला मुख्यालय पर आज सुबह 8 बजे से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना हुई। मतगणना की प्रक्रिया शासकीय भवनों के 321 कक्ष/हाल में 3 हजार 255 टेबिल पर करवाई गई। इन टेबिलों पर 67 हजार 152 ईवीएम में डाले गये 2 करोड़ 96 लाख वोट की गिनती की गई। ईवीएम के वोटों की गणना के आधा घण्टा पहले डाक-मतपत्रों की गिनती की गई।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्यप्रदेश में मतगणना के लिये भेजे गये 62 प्रेक्षक पूरे समय मतगणना स्थल पर तैनात रहे। उन्होंने मतगणना प्रक्रिया का न सिर्फ अवलोकन किया बल्कि उससे आयोग को भी अवगत करवाया। मतगणना के पूर्व सुबह 5 बजे प्रेक्षक और जिला निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में काउंटिंग स्टॉफ को रेण्डमाइजेशन किया गया। 51 जिले की मतगणना के लिये 59, विदिशा विधानसभा उप चुनाव के लिये एक तथा भोपाल और जबलपुर संसदीय क्षेत्र की मतगणना के लिये आयोग द्वारा भेजे गये दो विशेष प्रेक्षक भी मतगणना के दौरान पूरे समय मौजूद रहे।

सोलहवीं लोकसभा के लिये प्रदेश में इस बार 378 उम्मीदवार 29 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरे हैं। जबकि वर्ष 2009 के पिछले लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या 429 थी। मौजूदा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, बसपा और आप पार्टी के 29-29, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के 5, सीपीआई एम के 3, समाजवादी पार्टी के 9, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के 12 तथा शेष अन्य राजनैतिक पार्टी के उम्मीदवार हैं। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में 126 निर्दलीय भी शामिल रहे। 37 महिला उम्मीदवार ने भी अपना भाग्य आजमाया, इनमें से 5 महिला उम्मीदवार सफल भी रहीं। इनमें बैतूल से सुश्री ज्योति धुर्वे, धार से श्रीमती सावित्री ठाकुर, इंदौर से श्रीमती सुमित्रा महाजन, सीधी से सुश्री रीति पाठक तथा विदिशा से श्रीमती सुषमा स्वराज शामिल हैं। सागर से भाजपा के विजयी उम्मीदवार श्री लक्ष्मीनारायण यादव की उम्र विजयी उम्मीदवारों सबसे अधिक 73 वर्ष है।

मतगणना के लिये 3 हजार 255 टेबिल का इस्तेमाल किया गया। इन टेबिलों पर ईवीएम और डाक-मतपत्र की गणना के लिये 15 हजार 300 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। इनमें दो विशेष प्रेक्षक, 59 प्रेक्षक, एक विदिशा उप चुनाव का प्रेक्षक के अलावा 29 आरओ, 22 डीआरओ, 321 एआरओ, डाक-मतपत्रों की गणना के लिये 56 एआरओ, 3255 - 3255 माइक्रो आब्जर्वर, काउंटिंग सुपरवाईजर एवं काउंटिंग असिस्टेंट, 51 तकनीकी स्टॉफ तथा 5 हजार अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मतगणना का कार्य सुचारू रूप से संचालित हो इसके लिए लोक निर्माण, विद्युत, राजस्व आदि विभाग के कर्मचारी भी जुटे रहे।

मतगणना में ईवीएम में वोटो की गिनती के सबसे अधिक 24 चक्र (राउंड) इंदौर लोकसभा सीट के लिए हुए। मंडला और बैतूल संसदीय क्षेत्र की मतगणना में 23 राउंड हुए। दो संसदीय क्षेत्र भोपाल एवं खण्डवा की मतगणना में 22-22 राउंड हुए। छह संसदीय क्षेत्र भिण्ड, ग्वालियर, सीधी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और रतलाम की मतगणना में 21-21 राउंड का इस्तेमाल हुआ। सबसे अधिक 8 संसदीय क्षेत्र जहाँ 20-20 चक्र में वोटों की गिनती करवाई गई, उनमें मुरैना, खजुराहो, शहडोल, जबलपुर, होशंगाबाद, विदिशा, मंदसौर और धार शामिल रहे।

मतगणना के दिन सभी जिलों और मतगणना स्थल पर सुरक्षा की चॉक-चौबंद व्यवस्था की गई। सभी मतगणना स्थल पर त्रि-स्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किये गये। स्थानीय पुलिस, एसएएफ के अलावा बड़ी संख्या में होमगार्ड ने भी सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखा। कहीं से कोई गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त नहीं हुई। चुनाव में प्रयुक्त ईवीएम को स्ट्राँग रूम से मतगणना स्थल तक ले जाने के रास्ते में भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये। स्ट्राँग रूम के ताला खोलने के दौरान वेबकास्टिंग करवाई गई। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को मतगणना स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।

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