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सिहंस्थ-लेख/संदर्भ

  

पंचक्रोशी यात्रा में उमड़ा भक्‍तों का सैलाब

निरन्‍तर बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्‍या
यात्रियों के लिए की गई बेहतर व्‍यवस्‍थाएँ

भोपाल : रविवार, मई 1, 2016, 22:35 IST
 

महाकाल के प्रति आभार और आशीर्वाद के लिए पूरे सिंहस्‍थ मेला क्षेत्र में पंचक्रोशी पदयात्रियों का भारी सैलाब उमड़ रहा है। पंचक्रोशी यात्रा में दूर-दराज़ से लाखों की तादाद में श्रद्धालु उज्‍जैन पहुँच रहे हैं। इसी का परिणाम है कि बैशाख माह की दशमी से होने वाली पंचक्रोशी यात्रा 2 दिन पहले ही प्रारंभ हो गई है। श्रद्धालुओं का जो जत्‍था 30 अप्रैल को भगवान नागचंद्रेश्‍वर के मंदिर से शक्ति का वरदान प्राप्‍त कर निकला था, वह शाम होते-होते पहले पड़ाव 12 किलोमीटर दूर 'पिंगलेश्‍वर महादेव' पहुँच गया। प्रथम पड़ाव पर रात्रि 12 बजे तक लगभग ढाई लाख श्रद्धालु पहुँच चुके थे।

श्रद्धालु अपने साथ सिर पर रख कर लाए दाल, चावल, आटा से स्‍थल पर ही प्रसादी तैयार कर भोर होते ही दूसरे पड़ाव 'कायावरोहणेश्वर महादेव' की ओर जय महाकाल के उद्घोष के साथ बड़े जत्थों में आगे बढ़ रहे हैं।

पहले पड़ाव पर श्रद्धालुओं को कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं। पिंगलेश्वर महादेव पर श्रद्धालुओं के आराम के लिए टेन्ट, पानी, शौचालय के साथ ही अस्थाई चिकित्सालय भी बनाया गया है। पदयात्रियों के पैरों पर आए छालों में राहत पहुँचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2000 किलोग्राम वैसलीन, मलहम बाँटा गया है।

आले वाले 5 दिन तक श्रद्धालुओं के आगमन के मद्देनजर प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं।

लगभग 4 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँचे करोहन

देश की सबसे बड़ी पंचक्रोशी यात्रा का द्वितीय पड़ाव पिंगलेश्वर महादेव से 23 किलो मीटर दूर ग्राम करोहन में महाकाल के द्वितीय द्वारपाल 'कायावरोहणेश्वर महादेव मंदिर' है। लगभग 54 हेक्टेयर में फैले इस द्वितीय पड़ाव पर पहुँचने से पूर्व श्रद्धालु ग्राम करोंदिया, धतरावदा, लालपुर बावड़ी, नागझिरी होते हुए शनि मंदिर पर शनि महाराज के दर्शन कर आगे बढ़ रहे हैं। सभी स्थान पर प्रशासन की व्यापक व्यवस्था श्रद्धालुओं में भक्ति और उत्‍साह का संचार कर रही है।

राजगढ़ जिले की ग्राम नुन्हाखेड़ी की कमलाबाई और उनके 25 साथी का जत्था पूरे रास्ते ठंडे पानी और छाया की व्यवस्था से प्रसन्न है। कमलाबाई का कहना है कि 'बाबूजी मलहम से पावन के ऐंठा निकल जात है।' गुना के बमोरी तहसील के श्री जगराम खेड़ी तीसरे कुम्भ में गाँववालों के साथ आए हैं और यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ' साब शासन बहुत ध्यान दे रहा है हम पर, भगवान महाकाल सबकी मनोकामना पूरी करे'।

 
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