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सिहंस्थ-लेख/संदर्भ

  

अन्य राज्यों के श्रद्धालु सिंहस्थ की व्यवस्थाओं से खुश

भोपाल : गुरूवार, मई 12, 2016, 20:03 IST

उज्जैन में 22 अप्रैल से सिंहस्थ चल रहा है। सिंहस्थ में दो शाही स्नान 22 अप्रैल और 9 मई को हो चुके हैं। इस दौरान प्राकृतिक आपदा से आंशिक रूप से प्रभावित सिंहस्थ की व्यवस्थाओं को प्रशासन की सजगता से पूरी तरह से बहाल कर लिया गया है। व्यवस्थाओं की देशभर से आए श्रद्धालुओं ने प्रशंसा की है।

राजस्थान के नागौर जिले के लाड़नूं के श्रद्धालु श्री सीताराम गौतम अखिल भारतीय वैष्णव संघ के पंडाल में रुके हुए हैं। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य जिनमें बुजुर्ग महिलाएँ भी हैं। श्री सीताराम का कहना है कि वे अन्य कुंभ में भी गए हैं। मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के लिए की गई व्यवस्था काफी बेहतर है। सामाजिक सरोकार से जुड़ी सेवाएँ तो अनूठी हैं। उन्होंने सिंहस्थ मेला क्षेत्र में चलाए जा रहे ई-रिक्शा की तारीफ करते कहा कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्था विशेष रूप से घाटों पर महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए बनाए गए चेंजिंग रूम काफी अच्छे हैं। उन्होंने मेला क्षेत्र में सफाई, पानी और बिजली की व्यवस्था की भी तारीफ की।

आसानी से हुए महाकाल के दर्शन

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के ग्राम सिरजम के किसान श्री हरिशरण त्रिपाठी सिंहस्थ में पहली बार आए हैं। वे पिछले तीन दिन से सिंहस्थ मेला क्षेत्र में हैं। उन्होंने बतलाया कि दो दिन पहले आई प्राकृतिक आपदा के बाद सरकारी प्रयासों से व्यवस्था को जिस तरीके से बहाल किया गया है, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने शाही स्नान के दिन 9 मई को मंगलनाथ घाट पर बिना किसी तकलीफ के स्नान किया। श्रद्धालुओं के लिए महाकाल मंदिर में की गई व्यवस्था से उन्हें कम समय में ही दर्शन करने का मौका मिला।

देवरिया जिले के ही ग्राम सेमरही (बसडीला) निवासी श्री सूरत नारायण भी पहली बार सिंहस्थ में शामिल होने पहुँचे हैं। उनका परिवार इलाहाबाद, हरिद्वार और नासिक के कुंभ में भी शामिल हुआ था। सिंहस्थ में जो व्यवस्था राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए करवाई है, वह काफी सराहनीय है।

 
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