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मंत्रिपरिषद के निर्णय

प्रदेश में शीतगृह की भण्डारण क्षमता 5 लाख मीट्रिक टन बढ़ायी जायेगी

शीतगृह निर्माण के लिये 294.69 करोड़ के प्रस्ताव ऑनलाइन लिये जायेंगे
मंत्रि-परिषद द्वारा विशेष प्रशासकीय योजना का अनुमोदन

भोपाल : मंगलवार, अगस्त 23, 2016, 16:45 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में नश्वर उत्पादों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि की विशेष योजना का प्रशासकीय अनुमोदन दिया गया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा नश्वर उत्पादों की भण्डारण क्षमता में वृद्धि की 294 करोड़ 69 लाख की विशेष योजना में प्रस्ताव ऑनलाइन प्राप्त किये जायेंगे। प्राप्त प्रस्ताव को 'पहले आओ-पहले पाओ'' के सिद्धांत पर स्वीकृति दी जायेगी। योजना का विस्तार 2 वर्ष बाद समीक्षा के बाद किया जायेगा।

प्रदेश में शीतगृह निर्माण पर 50 प्रतिशत पूँजीगत अनुदान दिये जाने का निर्णय लिया गया है। पाँच हजार मीट्रिक टन क्षमता के शीतगृह निर्माण पर अधिकतम 2 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जायेगा। प्रदेश में आगामी 2 वर्ष में शीतगृह की भण्डारण क्षमता 5 लाख मीट्रिक टन बढा़ई जायेगी।

प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में पिछले वर्षों में काफी वृद्धि हुई है। उत्पादन अधिक होने पर अक्सर किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए नश्वर उत्पादों के भण्डारण के लिये शीतगृह, प्याज भण्डार-गृह और कृषक प्रक्षेत्रों पर कोल्ड-रूम की स्थापना को बढ़ावा दिया जायेगा। आगामी 2 वर्ष में प्याज की भण्डारण-क्षमता 5 लाख मीट्रिक टन बढ़ायी जायेगी। प्रदेश के प्याज उत्पादक प्रमुख 15 जिले को चिन्हित कर उन्हें प्राथमिकता दी जायेगी।

योजना में 50 मीट्रिक टन क्षमता के प्याज भण्डार-गृह के लिये लागत का 50 प्रतिशत पूँजीगत अनुदान के रूप में अधिकतम एक लाख 75 हजार रुपये और 25 मीट्रिक टन क्षमता के भण्डार गृह के लिये अधिकतम 87 हजार 500 रुपये का अनुदान दिया जायेगा। प्रदेश में नश्वर उत्पादों की शीत-श्रंखला निर्मित करने के लिये प्रमुख सब्जी उत्पादक 10 जिले में पॉयलट प्रयोग के तौर पर कृषक प्रक्षेत्रों में 500 कोल्ड-रूम की स्थापना सब्जी रूट के चिन्हित कलस्टरों में की जायेगी। कोल्ड-रूम की लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 25 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन पूँजीगत अनुदान दिया जायेगा।


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